Shreyanka Patil Suffers Foot Injury: लीड्स के हेडिंग्ले मैदान में बुधवार 17 जून को नीदरलैंड के खिलाफ महिला T20 वर्ल्ड कप मैच के दौरान भारतीय ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल के टखने में दर्दनाक चोट लगने से टीम इंडिया के लिए चिंता का पल आ गया. ये घटना नीदरलैंड की पारी के छठे ओवर की पहली गेंद पर हुई. 'अराउंड द विकेट' गेंदबाजी करते हुए श्रेयंका ने मिडिल स्टंप पर गेंद डाली और बल्लेबाज फीबे मोल्केनबोअर ने गेंद को लेग साइड की तरफ खेला. मिडविकेट फील्डर गेंद को पूरी तरह रोक नहीं पाया, तो श्रेयंका ने बल्लेबाजों को अतिरिक्त रन लेने से रोकने के लिए दौड़ लगाई. गेंद पकड़ने की कोशिश में उनका पैर गलत तरीके से पड़ा और उनका संतुलन बिगड़ गया.
पैरों पर खड़ी नहीं हो पाईं श्रेयंका
22 साल की श्रेयंका पाटिल दर्द से कराहते हुए गिर पड़ीं और अपने दाहिने टखने को पकड़ लिया, जिसके बाद उनकी साथी खिलाड़ी उनके पास जमा हो गईं. भारत का मेडिकल स्टाफ तुरंत मैदान पर पहुंचा और कई मिनट तक उनकी जांच की. चिंता तब और बढ़ गई जब श्रेयंका को खड़े होने में दिक्कत हुई और वो चोटिल पैर पर वजन नहीं डाल पा रही थीं.
मैदान से बाहर होना पड़ा
आखिरकार उन्हें स्ट्रेचर और ग्राउंड व्हीकल के जरिए मैदान से बाहर ले जाया गया और एक बग्गी में ले जाया गया, जिससे टूर्नामेंट के बाकी मैचों के लिए उनकी फिटनेस को लेकर भारत की चिंता बढ़ गई. श्रेयंका के जाने के बाद शेफाली वर्मा ने ओवर पूरा किया, जबकि टीम चोट की गंभीरता के बारे में और जानकारी का इंतजार कर रही थी.
चोटों का सिलसिला जारी
ये यंग ऑलराउंडर कई तरह की फिटनेस समस्याओं से उबरने में लगभग 16 महीने बिताने के बाद हाल ही में कॉम्पिटीटिव क्रिकेट में लौटी थीं. उनकी चोटों की शुरुआत एशिया कप के दौरान उंगली में फ्रैक्चर से हुई थी, हालांकि वह समय रहते ठीक हो गईं और UAE में 2024 वुमेंस T20 वर्ल्ड कप में भारत को रिप्रेजेंट किया.
इसके तुरंत बाद, उन्हें दोनों पैरों में 'ग्रेड 3 शिन स्प्लिंट्स' का पता चला, जिसके कारण वह कई महीनों तक खेल से दूर रहीं. इस चोट के कारण वो के लिए 2025 वुमेंस प्रीमियर लीग के पूरे सीजन से भी बाहर हो गईं थी, हालांकि रिकवरी के बाद वो डब्ल्यूपीएल 2026 में वापस लौटीं. भारत अब उम्मीद करेगा कि टखने की यह चोट गंभीर न हो, क्योंकि टूर्नामेंट में अभी कई अहम मैच बाकी हैं.
Shreyanka Patil Suffers Foot Injury: लीड्स के हेडिंग्ले मैदान में बुधवार 17 जून को नीदरलैंड के खिलाफ महिला T20 वर्ल्ड कप मैच के दौरान भारतीय ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल के टखने में दर्दनाक चोट लगने से टीम इंडिया के लिए चिंता का पल आ गया. ये घटना नीदरलैंड की पारी के छठे ओवर की पहली गेंद पर हुई. ‘अराउंड द विकेट’ गेंदबाजी करते हुए श्रेयंका ने मिडिल स्टंप पर गेंद डाली और बल्लेबाज फीबे मोल्केनबोअर ने गेंद को लेग साइड की तरफ खेला. मिडविकेट फील्डर गेंद को पूरी तरह रोक नहीं पाया, तो श्रेयंका ने बल्लेबाजों को अतिरिक्त रन लेने से रोकने के लिए दौड़ लगाई. गेंद पकड़ने की कोशिश में उनका पैर गलत तरीके से पड़ा और उनका संतुलन बिगड़ गया.
पैरों पर खड़ी नहीं हो पाईं श्रेयंका
22 साल की श्रेयंका पाटिल दर्द से कराहते हुए गिर पड़ीं और अपने दाहिने टखने को पकड़ लिया, जिसके बाद उनकी साथी खिलाड़ी उनके पास जमा हो गईं. भारत का मेडिकल स्टाफ तुरंत मैदान पर पहुंचा और कई मिनट तक उनकी जांच की. चिंता तब और बढ़ गई जब श्रेयंका को खड़े होने में दिक्कत हुई और वो चोटिल पैर पर वजन नहीं डाल पा रही थीं.
मैदान से बाहर होना पड़ा
आखिरकार उन्हें स्ट्रेचर और ग्राउंड व्हीकल के जरिए मैदान से बाहर ले जाया गया और एक बग्गी में ले जाया गया, जिससे टूर्नामेंट के बाकी मैचों के लिए उनकी फिटनेस को लेकर भारत की चिंता बढ़ गई. श्रेयंका के जाने के बाद शेफाली वर्मा ने ओवर पूरा किया, जबकि टीम चोट की गंभीरता के बारे में और जानकारी का इंतजार कर रही थी.
चोटों का सिलसिला जारी
ये यंग ऑलराउंडर कई तरह की फिटनेस समस्याओं से उबरने में लगभग 16 महीने बिताने के बाद हाल ही में कॉम्पिटीटिव क्रिकेट में लौटी थीं. उनकी चोटों की शुरुआत एशिया कप के दौरान उंगली में फ्रैक्चर से हुई थी, हालांकि वह समय रहते ठीक हो गईं और UAE में 2024 वुमेंस T20 वर्ल्ड कप में भारत को रिप्रेजेंट किया.
इसके तुरंत बाद, उन्हें दोनों पैरों में ‘ग्रेड 3 शिन स्प्लिंट्स’ का पता चला, जिसके कारण वह कई महीनों तक खेल से दूर रहीं. इस चोट के कारण वो के लिए 2025 वुमेंस प्रीमियर लीग के पूरे सीजन से भी बाहर हो गईं थी, हालांकि रिकवरी के बाद वो डब्ल्यूपीएल 2026 में वापस लौटीं. भारत अब उम्मीद करेगा कि टखने की यह चोट गंभीर न हो, क्योंकि टूर्नामेंट में अभी कई अहम मैच बाकी हैं.