ICC Rule, NZ Cricketer Used Saliva on Ball: वर्ल्ड कप 2023 के दौरान जहां अंपायर्स कॉल, टाइम आउट जैसे नियमों पर काफी विवाद देखने को मिला था। अब वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद क्रिकेट की दुनिया में एक नया विवाद सामने आया है। आपको बता दें कि कोरोना काल के बाद से आईसीसी ने एक नियम लागू किया था कि, फील्डिंग टीम का कोई भी प्लेयर या गेंदबाज बॉल पर लार यानी Saliva का इस्तेमान नहीं कर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना संक्रमण एक दूसरे के कारण संक्रमित होने से फैलता था। उसके बाद से यह नियम लगातार लागू हो गया। अब न्यूजीलैंड के एक क्रिकेटर ने गेंद पर लार लगाकर विवाद खड़ा कर दिया है।
किसने उड़ाईं नियम की धज्जियां?
अगर कौन है वो खिलाड़ी उसकी बात करें तो न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स ने यह नियम तोड़ा है। बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ सिल्हट में टेस्ट मैच खेला जा रहा है। इस मुकाबले के तीसरे दिन यह विवाद सामने आया जब गेंदबाजी करते हुए फिलिप्स ने गेंद पर लार का इस्तेमाल किया। अगर नियम की बात करें तो आईसीसी ने इसे पूरी तरह से बैन किया हुआ है और यह 1 अक्टूबर 2022 से लागू हुआ था।
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क्या है ICC का पूरा नियम?
अगर आईसीसी के नियम की बात करें तो अगर किसी टीम का कोई खिलाड़ी गेंद पर लार का इस्तेमाल करता है, तो उसे आईसीसी के संविधान के कानून 41.3 के उल्लंघन का दोषी पाया जाएगा। इस स्थिति में उस खिलाड़ी की टीम पर पांच रनों की पेनल्टी लगाई जाएगी। कुछ लोग सोच रहे होंगे कि क्या इसके लिए बैन लगेगा तो नहीं अभी तक तो आईसीसी द्वारा इस पर बैन का कोई नियम नहीं लाया गया है।
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इससे पहले भी एक ऐसा मामला आया था। नवंबर 2022 में ऐसा हुआ था जब नेपाल और यूएई के बीच वनडे मुकाबला खेला जा रहा था। उस मैच में नेपाल के खिलाड़ी अलीशान शराफू ने गेंद पर लार का इस्तेमाल किया था। उसके बाद पेनल्टी स्वरूप उनकी टीम पर पांच रनों का जुर्माना आया था। अभी सिल्हट टेस्ट मैच में फिलहाल ऐसा नहीं हुआ है। लेकिन बांग्लादेश के मोमिनुल हक ने इसकी जानकारी रिपोर्टर्स को दी। पर फील्ड अंपायर्स अहसान रजा और पॉल राइफल ने इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया है।
https://www.youtube.com/watch?v=qg-rpJTNJYE
ICC Rule, NZ Cricketer Used Saliva on Ball: वर्ल्ड कप 2023 के दौरान जहां अंपायर्स कॉल, टाइम आउट जैसे नियमों पर काफी विवाद देखने को मिला था। अब वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद क्रिकेट की दुनिया में एक नया विवाद सामने आया है। आपको बता दें कि कोरोना काल के बाद से आईसीसी ने एक नियम लागू किया था कि, फील्डिंग टीम का कोई भी प्लेयर या गेंदबाज बॉल पर लार यानी Saliva का इस्तेमान नहीं कर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना संक्रमण एक दूसरे के कारण संक्रमित होने से फैलता था। उसके बाद से यह नियम लगातार लागू हो गया। अब न्यूजीलैंड के एक क्रिकेटर ने गेंद पर लार लगाकर विवाद खड़ा कर दिया है।
किसने उड़ाईं नियम की धज्जियां?
अगर कौन है वो खिलाड़ी उसकी बात करें तो न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स ने यह नियम तोड़ा है। बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ सिल्हट में टेस्ट मैच खेला जा रहा है। इस मुकाबले के तीसरे दिन यह विवाद सामने आया जब गेंदबाजी करते हुए फिलिप्स ने गेंद पर लार का इस्तेमाल किया। अगर नियम की बात करें तो आईसीसी ने इसे पूरी तरह से बैन किया हुआ है और यह 1 अक्टूबर 2022 से लागू हुआ था।
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क्या है ICC का पूरा नियम?
अगर आईसीसी के नियम की बात करें तो अगर किसी टीम का कोई खिलाड़ी गेंद पर लार का इस्तेमाल करता है, तो उसे आईसीसी के संविधान के कानून 41.3 के उल्लंघन का दोषी पाया जाएगा। इस स्थिति में उस खिलाड़ी की टीम पर पांच रनों की पेनल्टी लगाई जाएगी। कुछ लोग सोच रहे होंगे कि क्या इसके लिए बैन लगेगा तो नहीं अभी तक तो आईसीसी द्वारा इस पर बैन का कोई नियम नहीं लाया गया है।
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इससे पहले भी एक ऐसा मामला आया था। नवंबर 2022 में ऐसा हुआ था जब नेपाल और यूएई के बीच वनडे मुकाबला खेला जा रहा था। उस मैच में नेपाल के खिलाड़ी अलीशान शराफू ने गेंद पर लार का इस्तेमाल किया था। उसके बाद पेनल्टी स्वरूप उनकी टीम पर पांच रनों का जुर्माना आया था। अभी सिल्हट टेस्ट मैच में फिलहाल ऐसा नहीं हुआ है। लेकिन बांग्लादेश के मोमिनुल हक ने इसकी जानकारी रिपोर्टर्स को दी। पर फील्ड अंपायर्स अहसान रजा और पॉल राइफल ने इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया है।