---विज्ञापन---

Religion angle-right

Varaha Purana: टॉयलेट जाने के बाद नहाना क्यों जरूरी, क्या है पीछे का विज्ञान और धर्म? वराह पुराण से जानें चौंकाने वाले रहस्य

Varaha Purana: टॉयलेट जाने और शौच करने के बाद नहाना क्यों जरूरी है, इसके पीछे का विज्ञान और धर्म क्या है? वराह पुराण में इसके चौंकाने वाले रहस्य और उत्तर मिलते हैं, जो दकियानूसी विचार या अंधविश्वास नहीं है, बल्कि साइंस, धर्म और अध्यात्म से गहरे रूप से जुड़ा है। आइए जानते हैं, क्या कहता है वराह पुराण?

---विज्ञापन---

Varaha Purana: भारत की सनातन सभ्यता और संस्कृति में तन और मन की शुद्धता और शुचिता यानी सफाई और पवित्रता बेहद जोड़ दिया गया है। सनातन संस्कृति इसलिए शाश्वत और सतत है, क्योंकि इसके नियम-कायदे आज भी प्रासंगिक और उपयोगी हैं। यहां चर्चा का विषय टॉयलेट जाने और शौच करने के बाद नहाने की आवश्यकता क्यों है? आइए जानते हैं, वराह पुराण में इस मुद्दे पर क्या कहा गया है?

क्या कहता है वराह पुराण?

वराह पुराण के अनुसार, मल त्याग यानी पाखाना करने के बाद सवस्त्र स्नान करना जरूरी है। यदि आप मूत्र त्याग यानी पेशाब करते हैं, तो अच्छे से हाथ-पांव और मुंह धोना जरूरी है। वहीं यदि आप बाल या दाढ़ी बनाते यानी शेविंग करते हैं, तब भी सवस्त्र स्नान करना जरूरी है। यहां सवस्त्र का मतलब कपड़े पहने-पहने नहाना नहीं है, बल्कि इसका तात्पर्य उन कपड़ों को स्नान के बाद दोबारा नहीं पहनने से है।

---विज्ञापन---

बता दें, आज भी पूरे भारत में कई परिवारों और खानदानों में इस रिवाज का दृढ़ता से पालन किया जाता है। इसके पीछे कोई दकियानूसी सोच या अंध विश्वास नहीं है, बल्कि विज्ञान और धर्म का संगम है। साइंस और अध्यात्म कैसे इस बिन्दु पर एक हो जाते हैं, उसका बेस्ट उदाहरण वराह पुराण में मिलता है।

ये भी पढ़ें: Vastu Shastra: इन 5 पक्षियों की फोटो लगाने से होता है घर में ज्ञान और समृद्धि वास, पैसों से भरी रहती है तिजोरी!

---विज्ञापन---

क्या कहता है विज्ञान?

पैनडेमिक के दौरान कोरोना के कहर को दुनिया अभी भूली नहीं है। जिस प्रकार से कोरोना के वायरस शरीर के बाहरी अंगों और कपड़ों पर चिपक दूसरों को संक्रमित करते थे। ठीक उसे प्रकार शौच करने के बाद हानिकारक जीवाणु और कीटाणु के संक्रमण की संभावना रहती है, जिसके संक्रमण से न केवल शौच करने वाला व्यक्ति बल्कि दूसरे लोग भी प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए जिस प्रकार कोरोना से बचने के लिए हर बार सारे कपड़े त्याग कर और भलीभांति सैनेटाइज होकर ही लोगों से मिलते थे या घर मे प्रवेश करते थे। ठीक वैसे ही टॉयलेट जाने और शौच करने के बाद सही खुद को शुद्ध कर लेना चाहिए।

क्या कहता है धर्म?

वराह पुराण के अनुसार, टॉयलेट जाने और शौच करने के बाद नहाना या खुद को साफ रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे नित्य कर्म के बाद मल, मूत्र, बाल, त्वचा के विकार, दुर्गंध, अशुद्ध पदार्थ के अंश आदि धुल जाते हैं। शारीरिक शुद्धि से मानसिक शुद्धि का रास्ता बनता है। वराह पुराण में लिखा है कि शौच करने के बाद शुद्धि का विशेष ध्यान नहीं रखने से जीवन और व्यवहार में तमोगुण की मात्रा बढ़ती है। जो अंधकार और अज्ञान की ओर धकेलता है। परिणामस्वरूप व्यक्ति अहंकारी, स्वार्थी और प्रमाद करने वाला बन जाता है। प्रमाद का अर्थ मिथ्या और भ्रम से गसित होना, जिसे जीवन की सभी बुराइयां, लोभ, मोह, मद, बुरी वासनाएं आदि जन्म लेती हैं। इनसे बचाव के लिए ही वराह पुराण मे शौच करने के बाद नहाने या खुद को साफ रखने पर जोर दिया गया है।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Numerology: 25 से 45 की उम्र में धन का अंबार लगा देते हैं इन 3 तारीखों में जन्मे लोग, इनमें कहीं आप भी तो नहीं!

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धमिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Nov 26, 2024 10:20 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola