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Teachings of Mahabharata: गांठ बांध लीजिए महाभारत की ये 3 सीख, नहीं देखना पड़ेगा कभी असफलता का मुंह

महाकाव्य महाभारत हमें सिर्फ एक युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और कठिनाइयों से लड़ने का साहस भी देती है। यहां इस ग्रंथ की 3 शिक्षाओं की चर्चा की गई है, जिसे जिंदगी में उतारने से सफलता कदम चूमती है। आइए जानते हैं, क्या हैं ये अनमोल सीख?

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महाकाव्य महाभारत एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें न केवल युद्ध की गाथाएँ हैं, बल्कि जीवन जीने की कला और समझ भी दी गई है। इसमें हर पात्र, हर घटना और हर उपदेश जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालता है। अगर हम महाभारत से तीन महत्वपूर्ण शिक्षा लें तो जीवन में कभी असफलता का सामना नहीं करना पड़ेगा। आइए जानें महाभारत से मिलने वाली वो तीन शिक्षाएँ, जो हमें जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन करती हैं:

संगति का प्रभाव

महाभारत में शकुनी मामा की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनकी कूटनीति और गलत मार्गदर्शन के कारण कौरवों का पतन हुआ। यही हमें एक महत्वपूर्ण शिक्षा देता है कि संगति का हमारे जीवन पर गहरा असर पड़ता है। अच्छा साथी ही हमारी सोच और कार्यों को सकारात्मक दिशा में मोड़ता है। अगर हम सही संगति में रहें, तो जीवन में सफलता की राह आसान हो जाती है। इसके विपरीत, यदि हम गलत संगति में फंसते हैं, तो हमारी ऊर्जा नकारात्मक दिशा में बह सकती है। इसलिए हमेशा अच्छे लोगों से घिरा रहें और सकारात्मक विचारों को अपनाएं। अच्छे लोग हमें प्रेरित करते हैं और हर कदम पर हमारे साथ खड़े रहते हैं।

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संघर्षों से सीखना

महाभारत में पांडवों को अपने जीवन के सबसे कठिन समय का सामना करना पड़ा। उन्हें 13 वर्षों का वनवास और बाद में एक भयंकर युद्ध भी लड़ना पड़ा। लेकिन इन्हीं संघर्षों ने उन्हें मजबूत और विजयी बनाया। यही शिक्षा हमें यह सिखाती है कि जीवन में आ रही कठिनाइयाँ हमें टूटने के बजाय उन्हें समझने और उनसे सीखने का मौका देती हैं। जब तक हम संघर्ष नहीं करेंगे, तब तक हम अपनी असली ताकत को नहीं पहचान पाएंगे। कठिनाइयाँ ही जीवन को जीने योग्य बनाती हैं और सफलता का असली स्वाद उसी में छुपा होता है। इसलिए मुश्किलें आएं तो घबराएं नहीं, उन्हें एक अवसर की तरह देखें और उनसे सीखने का प्रयास करें।

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संतुलन बनाना

महाभारत में धृतराष्ट्र जैसे पात्र ने अपने भावनात्मक फैसलों से बड़े कष्टों को जन्म दिया। उनका पुत्र मोह और अत्यधिक संवेदनशीलता उनके निर्णयों को प्रभावित करती थी, जिसका परिणाम कौरवों की हार के रूप में सामने आया। यह हमें यह सिखाता है कि जीवन में संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक है। अगर हम अपनी भावनाओं को पूरी तरह से नियंत्रित कर लें और उसी समय उचित निर्णय लें, तो हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। अत्यधिक भावुकता कभी-कभी हमें निर्णय लेने में विवेकहीन बना देती है। इसलिए, अपने आप को शांत और संतुलित रखना चाहिए, ताकि हम किसी भी समस्या से निपटने में सक्षम हो सकें।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Apr 13, 2025 04:34 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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