News24 हिंदी
न्यूज 24 डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।
Read More---विज्ञापन---
Surya ke Upay: वैदिक ज्योतिष में नौ ग्रह बताए गए हैं और सूर्य को इन सभी ग्रहों का राजा माना गया है। सनातन धर्म के पंचांग के अनुसार रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन सूर्य सबसे अधिक ऊर्जा लिए होते हैं। यही कारण है कि रविवार को सूर्य की उपासना और आराधना का विशेष दिन माना गया है।
ज्योतिष के अनुसार जिनकी कुंडली में सूर्य बलशाली होते हैं, वह व्यक्ति आजीवन मान-सम्मान पाते हैं। जिन व्यक्तियों का सूर्य बली होता है, वे ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र, प्रशासन और राजकाज में प्रतिष्ठित पदों पर आसीन होते हैं। सूर्य जिन पर मेहरबान होते हैं, वे लोग राजसी सुख भोगते हैं। शत्रु इनसे भयभीत रहते हैं।
सूर्य को प्रसन्न करने के उपाय
लेकिन यह भी देखा गया है कि जिनका सूर्य बली नहीं होता है, वे लोग मुश्किल से अपनी जिंदगी बसर कर पाते हैं। ऐसे लोगों को सूर्य को प्रसन्न करने के लिए विशेष प्रयास करना चाहिए। धार्मिक ग्रंथों में सूर्य को प्रसन्न करने के लिए अनेक उपाय बताए गए हैं, जिनका विधिवत पालन कर सूर्य दोष को ठीक किया जा सकता है। यहां कुछ आसान उपाय बताए गए हैं, जिनको अपनाकर सूर्यदेव की कृपा प्राप्त की जा सकती है।
सूर्य को तांबे के पात्र से अर्घ्य दें
सनातन धर्म में सूर्य को जल, दूध और शहद से अर्घ्य देने की प्राचीन परंपरा है। मान्यता है कि इससे शरीर की इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ती है, सेहत और स्वास्थ्य उत्तम रहता है, रोग-शोक मिट जाते हैं। जो लोग सूर्य दोष से पीड़ित हैं, उनको रविवार की सुबह के साथ शाम को तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। जिन लोगों को यश और प्रतिष्ठा चाहिए, उनको रविवार की दोपहर में अर्घ्य देने के साथ सूर्य मंत्र का जाप करना चाहिए। ढलते सूर्य को जल का अर्घ्य देने और सूर्य आराधना से जीवन में शीघ्र ही संपन्नता आती है।
रविवार का व्रत करें
सूर्य दोष को ठीक करने के लिए धार्मिक आचार्य और ज्योतिषि रविवार को सूर्य-व्रत करने की सलाह देते हैं। सुख-समृद्धि में वृद्धि, मानसिक शांति और आध्यात्मिक विकास के लिए रविवार के व्रत को श्रेष्ठ माना गया है। मान्यता है कि रविवार का व्रत करने से केवल सूर्यदेव ही प्रसन्न नहीं होते हैं, बल्कि अन्य ग्रह भी शुभ फल देने के लिए तत्पर हो जाते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जो लोग सूर्य दोष से पीड़ित होते हैं, उनको जीवन भर कष्ट बना रहता है। उनके जीवन में खुशहाली नहीं होती है। इसलिए रविवार के दिन सूर्य का व्रत रखने का महत्त्व बढ़ जाता है। यह व्रत एक वर्ष या 51 रविवार, 27 रविवार या कम-से-कम 12 रविवार तक करना चाहिए। यदि संभव हो, तो रविवार व्रत की कथा भी सुननी चाहिए।
ये भी पढ़ें: Hanuman Jayanti पर बना महासंयोग, जानें तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
नमक से परहेज करें
जिनको जीवन में उच्च प्रतिष्ठा चाहिए, उनको रविवार को नमक खाने से परहेज करना चाहिए। सनातन वैष्णव परंपरा में वैसे भी रविवार को नमक का त्याग करने का प्राचीन रिवाज है। यदि पूरे दिन नमक नहीं छोड़ सकते हैं, तो कम-से-कम सूर्य के अस्त होने के बाद नमक न खाएं। विज्ञान ने भी यह सिद्ध किया है कि सप्ताह में एक दिन नमक का सेवन करने से बचना चाहिए। बता दें, जो लोग रविवार को नमक नहीं खाते हैं, वे चावल, दूध और गुड़ का सेवन करते हैं। इससे सूर्य के बुरे प्रभाव से मुक्ति मिलती है।
ये भी पढ़ें: एक मंदिर जो सूर्य की किरणों से ‘झुक’ जाता है! जानकर वैज्ञानिक भी हुए हैरान
रविवार को ये उपाय भी करें
न्यूज 24 पर पढ़ें Religion, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।