Surya Temple Uttarakhand: हिंदू धर्म के लोगों के लिए मंदिरों का विशेष महत्व है। देश में सूर्य देव को समर्पित कई रहस्यमयी मंदिर स्थित है। माना जाता है कि जो लोग नियमित रूप से सूर्य देव की पूजा करते हैं, उनके घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है। दरअसल, कलयुग में सूर्य देव ही मात्र ऐसे देव हैं, जिन्हें दृश्य देव माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव को जल अर्पित करने से कुंडली में ग्रह शांत होते हैं।
आज हम आपको सूर्य देव को समर्पित एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में कहा जाता है कि ये मंदिर सूर्य की किरणों की वजह से अपने आप झुक जाता है।
सूर्य देव का चमत्कार
देवभूमि उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में सूर्य देव को समर्पित एक विशाल मंदिर स्थित है। इस मंदिर को बनाने के लिए ग्रेनाइट पत्थर का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर में सूर्य देव की मूर्ति के अलावा परिसर में भगवान शिव, माता पार्वती, दुर्गा लक्ष्मी और देवी सरस्वती भी विराजमान हैं। लोगों का कहना है कि जब आप इस मंदिर को बाहर से देखते हैं, तो यह आपको ऐसा लगेगा कि यह पूर्व दिशा की ओर झुका हुआ है।
पुराणों के अनुसार, इस मंदिर को दसवीं सदी में बनाया गया था। हालांकि जब ये मंदिर बनाया गया था, तो उसके बाद कई सालों तक ये बिल्कुल सीधा था, लेकिन गांव वालों का कहना है कि ये मंदिर बीते कई सालों से पूर्व दिशा की ओर झुक रहा है। हालांकि News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
वैज्ञानिक भी हैरान हैं कि ऐसा कैसे संभव है?
कहा जाता है कि इस मंदिर के रहस्य के बारे में जानने के लिए पुरातत्व विभाग ने भी शोध किया था, लेकिन उन्हें भी इसकी कोई ठोस वजह के बारे में नहीं पता चला। गांव वालों का मानना है कि यह सूर्य देव का ही चमत्कार है कि जब भी आप इस मंदिर को देखेंगे तो आपको ऐसा लगेगा कि यह हर सुबह सूर्य भगवान को झुक कर नमस्कार करता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यता पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।