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साल 2024 की दुर्लभ सोमवती अमावस्या आज, इन 5 उपायों से पितृदोष समेत दूर होगी ग्रह बाधा

Somwati Amavasya 2024: सोमवती अमावस्या साल में दो या तीन बार आने वाली एक विशेष तिथि है। यह सामान्य अमावस्या से अधिक शुभ मानी जाती है। इस दिन किए गए उपायों से पितृ दोष दूर होता है और राहु ग्रह की शांति होती है। आइए जानते हैं, सोमवती अमावस्या का महत्व क्या है और इस दिन किए गए किन उपायों से लाभ होता है?

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Somvati Amavasya 2024: सोमवती अमावस या अमावस्या हिन्दू पंचांग की एक दुर्लभ तिथि है, जो पूरे साल में 2 या 3 आती हैं। सोमवार के दिन पड़ने के कारण अमावस की यह तिथि सोमवती अमावस्या कहलाती है। 2 सितंबर को पड़ने वाली भादो महीने की अमावस्या इस साल की दूसरी सोमवती अमावस्या है। बता दें कि साल की पहली सोमवती अमावस्या 8 अप्रैल, 2024 को पड़ी थी, वहीं तीसरी सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर 2024 को पड़ेगी।

सवाल उठता है कि सोमवती अमावस्या का महत्व क्या है और यह सामान्य अमावस्या से भिन्न कैसे है? इन सवालों के जवाब के साथ यह भी जानेंगे कि इस सोमवती अमावस्या के स्नान-दान का शुभ समय क्या है, इस दिन किन उपायों को करने से पितृदोष मुक्ति मिल सकती है और क्या करने से राहु ग्रह की बाधाएं दूरी होंगी?

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सोमवती अमावस्या का महत्व क्या है?

सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) को प्राचीन काल से महत्वपूर्ण माना गया है। सोमवार का दिन देवताओं में भगवान शिव और ग्रहों में चंद्रमा को समर्पित है। महाभारत के एक प्रसंग के अनुसार, एक बार युधिष्ठिर ने सोमवती अमावस्या का महत्व भीष्म पितामह से पूछा था। भीष्म पितामह ने जो उतर दिया इस अमावस के महत्व को सामने लाता है। उन्होंने युधिष्ठिर से कहा कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने वाला मनुष्य समृद्ध, स्वस्थ्य और सभी दुखों से मुक्त होगा। माना जाता है कि स्नान और दान करने से पितर और पूर्वज भी संतुष्ट हो जाते हैं।

पुराणों के अनुसार, इस अमावस्या के दिन विवाहित स्त्रियों द्वारा अपने पतियों के लंबी आयु के लिए व्रत रखने का विधान है। मान्यता है कि इस दिन मौन व्रत रहने से सहस्र गोदान का फल मिलता है।

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भाद्रपद सोमवती अमावस्या 2024 पर शुभ संयोग

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) तिथि की शुरुआत 2 सितंबर को सुबह 5:21 AM बजे से होगी और इसका समापन 3 सितंबर को सुबह 7:54 AM बजे होगा। इसलिए स्नान-दान के पुण्य लाभ के लिए सोमवती अमावस्या 2 सितंबर को ही होगा। वहीं, इस बार भाद्रपद सोमवती अमावस्या को शिव योग और सिद्धि योग का शुभ संयोग हो रहा है।

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पितृदोष-ग्रहदोष मुक्ति के उपाय

  • सोमवती अमावस्या के नदियों में स्नान के बाद काले तिल का दान करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों की कृपा बनी रहती हैं।
  • इस अमावस्या के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूरे विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। इससे भगवान शिव और माता पार्वती बेहद प्रसन्न होते हैं और पितृदोष से मुक्ति मिलती है।
  • इस अमावस को चावल और दूध का दान करने से आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती हैं और नाराज पितृदेव भी प्रसन्न हो जाते हैं।
  • सनातन धर्म में मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन पिंडदान करने से पितरों की असंतुष्ट आत्मा को संतुष्टि मिलती है।
  • जिस व्यक्ति को राहु ग्रह ने परेशान कर रखा हो और उनकी की कुंडली में राहु दोष है, तो इस दोष को दूर करने के लिए सोमवती अमावस्या एक उत्तम दिन है। उस व्यक्ति दीये में सरसों के तेल और लौंग डालकर पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना चाहिए।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Sep 02, 2024 06:49 AM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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