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Shiv Puja Mahasanyog: आज बन रहा महादेव की पूजा का महासंयोग, बेहद खास है दिन, यहां जानिए पूजन विधि और शुभ मुहूर्त

Shiv Puja Mahasanyog: आज 10 अगस्त को शिव जी की पूजा के लिए कई शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है. ऐसे में शिव पूजा का महासंयोग बन रहा है. आइये शिव जी की पूजा के लिए पूजन विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में जानते हैं.

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Shiv Puja Mahasanyog Today: आज 10 अगस्त 2026 के दिन महादेव की पूजा के लिए कई शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है. इस समय सावन का महीना चल रहा है. शिव पूजा के लिए सावन का महीना बेहद शुभ माना जाता है. इसके साथ ही आज सोमवार है. सोमवार का दिन शिव जी की पूजा के लिए बेहद खास होता है. ऐसे में सावन और सावन के सोमवार का संयोग बन रहा है. इसके साथ ही त्रयोदशी तिथि होने के कारण सोम प्रदोष व्रत है. आज शिव जी की पूजा के लिए सावन, सोमवार और सोम प्रदोष व्रत का महासंयोग बन रहा है.

शिव पूजा के लिए शुभ मुहूर्त (Shiv Puja Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त – 04:22 ए एम से 05:05 ए एम
प्रातः सन्ध्या – 04:43 ए एम से 05:47 ए एम
विजय मुहूर्त – 02:39 पी एम से 03:32 पी एम
गोधूलि मुहूर्त – 07:05 पी एम से 07:27 पी एम
सायाह्न सन्ध्या – 07:05 पी एम से 08:09 पी एम

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शिव जी की पूजा के लिए आज प्रदोष व्रत रखा जा रहा है. प्रदोष व्रत की पूजा के लिए प्रदोष काल का महत्व होता है. आज शाम को 7 बजकर 5 मिनट से लेकर रात को 9 बजकर 14 मिनट तक प्रदोष मुहूर्त है. इस मुहूर्त में महादेव की पूजा कर सकते हैं. महादेव की रात्रि पूजा के लिए निशिता मुहूर्त खास होता है. निशिता मुहूर्त रात को 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा.

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शिव जी पूजा विधि (Shiv Ji Puja Vidhi)

सावन का महीना और सोमवार का दिन शिव जी की पूजा के लिए खास होता है. आप सावन सोमवार के दिन सुबह स्नान कर साफ वस्त्र पहनकर शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करें. शिवलिंग पर दूध, जल, धतूरा, बेलपत्र आदि चढ़ाना शुभ होता है. इसके साथ ही पंचामृत यानी दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं.

शिव पूजा के लिए आज प्रदोष व्रत का संयोग भी बन रहा है. शिव जी को प्रसन्न करने के लिए शाम को प्रदोष काल में शिव जी की पूजा-अर्चना करें. प्रदोष काल की पूजा के लिए दोबारा स्नान कर साफ वस्त्र पहनें. इसके बाद विधि-विधान से शिव जी की पूजा करें. शिव जी की पूजा के दौरान ओम नमः शिवाय मंत्र और शिव चालीसा का पाठ करें. शिव जी की आरती कर और शिव जी को खीर, मिठाई और फलों का भोग लगाकर पूजा संपन्न करें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Aug 10, 2026 08:49 AM

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