Ramayana Story: परम सुंदरी ताड़का कैसे बनी थी खूंखार राक्षसी, किसने दिया था श्राप? पढ़ें पौराणिक कथा
Ramayana Story: रामायण में ताड़का का वर्णन मिलता है. भगवान राम ने बाल अवस्था में राक्षसी ताड़का का वध किया था. ताड़का सुंदर स्त्री थी. वह एक श्राप के कारण राक्षसी बन गई थी. ताड़का कैसे सुंदरी से एक राक्षसी बनी आइये इसके बारे में जानते हैं.
Ramayana Story: रामायण के बालकांड में राम जी द्वारा ताड़का के वध का प्रसंग है. उन्होंने राक्षसी ताड़का का वध किया था. वह एक अत्यंत सुंदर और शक्तिशाली यक्षिणी थी. ताड़का बाद में श्राप के कारण राक्षसी बन गई थी. ताड़का किस कारण से और किसके श्राप से राक्षसी बनी थी इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
बता दें कि, ताड़का यक्षराज सुकेतु की पुत्री थी. सुकेतु को कठोर तपस्या के बाद संतान प्राप्ति हुई थी. ताड़का को असाधारण बल और सौंदर्य मिला था. ताड़का का विवाह शक्तिशाली दैत्य सुंद से हुआ था. ताड़का के दो पुत्र सुबाहु और मारीच थे. मारीच आगे चलकर रावण का दूत बना था.
पौराणिक कथा के अनुसार, ताड़का का पति सुंद बलवान, क्रूर और राक्षसी प्रवृर्ति का था. वह अक्सर ऋषि-मुनियों के धार्मिक अनुष्ठानों में बाधा डालता था. एक बार सुंद ने महर्षि अगस्त्य के आश्रम हमला किया और उत्पात मचाया. इसके बाद महर्षि अगस्त्य ने सुंद को अपने तपोबल से भस्म कर दिया.
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अपनी पति की मृत्यु की खबर सुनने के बाद ताड़का क्रोध से पागल हो गई. इसके बाद वह अपने बेटों के साथ महर्षि अगस्त्य से बदला लेने पहुंची. स्त्रियों पर शस्त्र न उठाने के कारण महर्षि अगस्त्य ने ताड़का को अत्यंत कुरूप और भयानक राक्षसी बनने का श्राप दिया.
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भगवान राम ने किया था ताड़का का वध
ताड़का का रूप अत्यंत सुंदर से कुरूप में बदल गया. ताड़का सुंदरता खोकर भयानक राक्षसी बन गई और उसका रूप और अधिक विकराल हो गया. श्राप के बाद ताड़का ऋषियों के यज्ञ तथा तपस्या में बाधा डालने लगी. इस बात की जानकारी ऋषि विश्वामित्र ने भगवान राम और लक्ष्मण को दी. जब विश्वामित्र ने राम को ताड़का के अत्याचारों के बारे में बताया, तो गुरु की आज्ञा लेकर भगवान राम ने ताड़का का वध किया. इस प्रकार से भगवान राम ने ताड़का का वध किया था.