Chandra Grahan 2026: साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण कल यानी 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन लग रहा है. इससे पहले पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगा था. कल लगने वाला चंद्र ग्रहण आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. रक्षाबंधन के मौके पर चंद्र ग्रहण लगने से लोगों के मन में कई सवाल है. ग्रहण का टाइम, भारत में दृश्यता और सूतक काल क्या रहेगा. इसके अलावा क्या ग्रहण लगने से राखी बांधने के समय में बदलाव होगा. आइये इन सभी बातों के बारे में जानते हैं.
रक्षाबंधन पर ग्रहण का समय (Chandra Grahan Time)
रक्षाबंधन के पर्व पर सावन पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है. ग्रहण सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर आरंभ होगा और इसका समापन दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर होगा. ग्रहण का परमग्रास सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर होगा. रक्षाबंधन पर कुल 5 घंटे 35 मिनट तक ग्रहण का साया रहेगा. भारत में ग्रहण नहीं दिखेगा. ऐसे में भारत में ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा. ऐसे में आप पूजा-पाठ और अन्य सभी शुभ कार्य कर सकते हैं. रक्षाबंधन के पर्व पर इसका कोई प्रभाव नहीं होगा.
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भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण
चंद्र ग्रहण भारतीय समय के अनुसार, दिन में लग रहा है. ऐसे में चंद्रमा क्षितिज से नीचे यानी काल्पनिक रेखा जहां धरती और आकाश मिलते प्रतीत होते हैं उससे नीचे होने से ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा. चंद्र ग्रहण को उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के अधिकांश भागों से देखा जा सकेगा. इन स्थानों पर चंद्र ग्रहण प्रभावी रहेगा. रक्षाबंधन पर लग रहा आंशिक चंद्र ग्रहण प्रशान्त महासागर के पूर्वी भागों तथा अतलान्टिक महासागर से भी देखा जा सकेगा. भारत और एशिया के अधिकांश भागों से ग्रहण नजर नहीं आएगा.
कब लगता है चंद्र ग्रहण?
ज्योतिषीय दृष्टि से ही नहीं, बल्कि खगोलीय दृष्टि से ग्रहण बेहद खास होता है. जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं, तो चंद्र ग्रहण लगता है. इस दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है. खगोलीय दृष्टि के अनुसार, जब चंद्रमा पृथ्वी की प्रच्छाया से गुजरता है, तो चंद्र ग्रहण लगता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.