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Prambanan Temple History: इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर की क्या है खासियत, जहां आज दर्शन करने गए पीएम मोदी

Prambanan Temple History: पीएम मोदी इस समय इंडोनेशिया के दौरे पर है. आज 8 जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया स्थित प्रम्बानन शिव मंदिर के दर्शन करेंगे. प्रम्बानन मंदिर की मरम्मत और नवीनीकरण में भारत मदद करेगा. आइये इस मंदिर से जुड़े तथ्यों और इतिहास के बारे में जानते हैं.

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PM Modi Indonesia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया दौरे के दौरान आज प्रम्बानन शिव मंदिर दर्शन के लिए जाएंगे. प्रम्बानन शिव मंदिर इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से करीब 550 किलोमीटर दूर योग्याकार्ता में स्थित है. इस मंदिर का इतिहास काफी पुराना है. पीएम मोदी मंदिर के दर्शन करेंगे. भारत प्रम्बानन मंदिर के जीर्णोद्धार में मदद करेगा. इस मंदिर की मरम्मत और नवीनीकरण से भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते बेहतर होंगे. प्रम्बानन शिव मंदिर को भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक रिश्तों का प्रतीक माना जाता है.

प्रम्बानन शिव मंदिर का इतिहास

इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में स्थित प्रम्बानन शिव मंदिर का इतिहास काफी पुराना है. भगवान शिव को समर्पित प्रम्बानन मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है. मंदिर निर्माण शैली के कारण बहुत ही खास माना जाता है. यह मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है. इस मंदिर का करीब हजार साल से अधिक पुराना इतिहास है. इतिहासकारों की मानें तो, प्रम्बानन मंदिर का निर्माण मातरम साम्राज्य के शासकों ने कराया था. यह भगवान शिव को समर्पित मंदिर है. मंदिर के परिसर में ब्रह्मा और विष्णु जी के भी मंदिर है. इस मंदिर को त्रिदेवों का सर्वश्रेष्ठ प्रतीक मानते हैं.

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प्रम्बानन मंदिर से जुड़े रोचक तथ्य

यह मंदिर अपने कई कारणों से खास है. प्रम्बानन मंदिर के परिसर में करीब 200 से अधिक छोटे-छोटे मंदिर स्थित हैं. इन मंदिरों में से भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा जी के प्रमुख मंदिर है. मंदिर का मुख्य शिखर करीब 154 फीट यानी करीब 47 मीटर ऊंचा है. मंदिर की निर्माण शैली बेहद खास है. मंदिर की दीवारों पर रामायण की घटनाओं को बेहद सुंदर तरीके से उकेरा गया है. पत्थर पर सुंदर नक्काशी की गई है. साल 1991 में मंदिर को यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था. पिछले समय में आए भूकंप के कारण मंदिर को काफी नुकसान हुआ है. अब मंदिर के नवीनीकरण को लेकर भारत मदद करेगा.

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First published on: Jul 08, 2026 08:13 AM

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