Marriage Vidai Gift: बेटी की विदाई में न करें ये गलतियां, कभी भूल से भी नहीं देनी चाहिए ये 4 चीजें, जानें क्यों

Marriage Vidai Gift: शादियों के इस मौसम में गिफ्ट देना परंपरा है, लेकिन बेटी की विदाई के समय कुछ उपहार ऐसे होते हैं जिन्हें देना अशुभ माना गया है. माना जाता है कि ये चीजें उसके नए जीवन में परेशानियां ला सकती हैं. आइए जानते हैं, ऐसी कौन-सी 4 वस्तुएँ हैं, जिन्हें विदाई में देना मना है और क्यों?

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Marriage Vidai Gift: इस साल 1 नवंबर, 2025 को देवोत्थान एकादशी और 2 नवंबर को तुलसी विवाह के बाद हिन्दू धर्म में सभी मांगलिक कार्य जैसे, रोका, सगाई, विवाह, उपनयन आदि आरंभ हो चुके हैं. मांगलिक कार्यक्रमों का यह सिलसिला 10 दिसंबर का चलेगा. दिसंबर में इस तारीख के बाद शादी-विवाह और अन्य शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी. इस कारण है, 11 दिसंबर से शुक्र ग्रह का अस्त हो जाना. ज्योतिष में शुक्र न केवल एक शुभ ग्रह हैं, बल्कि दंपति प्रेम और वैवाहिक सुख के कारक ग्रह भी हैं. इसलिए उनके अस्त होने के अवधि में शादी-विवाह संपन्न नहीं होते हैं.

फिलहाल शादियों का सीजन जारी है. इस मौके पर गिफ्ट के लेनदेन की जबरदस्त परंपरा भी है. क्योंकि, भारतीय शादियों में बेटी की विदाई सिर्फ भावनाओं का ही नहीं, बल्कि संस्कारों का भी एक बड़ा अवसर माना जाता है. लेकिन यदि आप बेटी वाले हैं या बेटी के पिता हैं, तो विदाई में अपनी बेटी कुछ उपहार देने से बचें, वरना उसकी जिंदगी परेशानियों से घिरी रह सकती है. आइए जानते हैं, विदाई में बेटी को कौन-सी चीजें नहीं देनी चाहिए और क्यों?

अचार

विदाई के समय अचार देना शुभ नहीं माना जाता. कहा जाता है कि अचार का खट्टा स्वाद बेटी के नए घर में खटास पैदा कर सकता है. यह मान्यता भले ही धार्मिक या पारंपरिक हो, लेकिन इसे कई परिवार आज भी मानते हैं. यदि आप बेटी को अपने हाथों से बना अचार देना ही चाहते हैं, तो इसे शादी के बाद उसके घर जाकर बनाएं. इससे परंपरा भी नहीं टूटती और अशुभता का डर भी नहीं रहता.

झाड़ू

भारतीय मान्यताओं के अनुसार झाड़ू में माता लक्ष्मी का वास माना जाता है. इसलिए इसे उपहार में देना या लेना अत्यंत संवेदनशील माना जाता है. विदाई में झाड़ू देना माना जाता है कि बेटी के नए घर के सुख-समृद्धि पर असर पड़ सकता है. यह भी कहा जाता है कि इससे घर में अनबन या आर्थिक बाधाएं आ सकती हैं. इसी कारण विदाई में झाड़ू कभी नहीं दी जाती है.

सूई

पंडितों के अनुसार विदाई के समय सूई देने से रिश्तों में कटुता बढ़ सकती है. सूई का ‘चुभना’ प्रतीकात्मक रूप से संबंधों में तकरार या गलतफहमी का कारण माना जाता है. शादी के मौके पर ऐसी वस्तुएं देना सही नहीं माना जाता जो नए रिश्तों में नकारात्मक ऊर्जा का संकेत पैदा करें.

आटे की छलनी

प्रचलित रिवाजों के अनुसार, मकर संक्रांति पर मांएं बेटी को 13 चीजें भेंट करती हैं, लेकिन छलनी उन 13 चीजों में शामिल नहीं होती. पारंपरिक रूप से माना जाता है कि छलनी देने से बेटी की खुशियाँ छनकर बाहर जा सकती हैं. इसी वजह से कुछ माताएं अनजाने में जो गलती कर देती हैं, उससे बचना बहुत जरूरी है.

इनकी जगह दें ये चीजें

बेटी की विदाई में ऐसी चीजें देना शुभ माना जाता है जो उसके नए घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाएँ. जैसे- चांदी का सिक्का, पूजा सामग्री, सुंदर गृह-सजावट के सामान, किचन सेट या गृह-उपयोगी वस्तुएं, पारंपरिक आभूषण और देवी-देवताओं की मूर्ति. ये उपहार न सिर्फ उपयोगी होते हैं, बल्कि आशीर्वाद के रूप में भी माने जाते हैं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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