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Mahabharata Facts: गणेश जी ने अपने दांत से लिखा महाभारत, जानें इस महाकाव्य के अनसुने रोचक फैक्ट्स

Mahabharata Facts: क्या आप जानते हैं कि महाभारत केवल युद्ध कथा नहीं, बल्कि जीवन का गहरा दर्शन है? महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित और गणेश जी द्वारा लिखित यह महाकाव्य समय के साथ दुनिया का सबसे विशाल ग्रंथ कैसे बना? आइए जानते है, इसके कुछ अनसुने रहस्य और रोचक फैक्ट्स?

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Mahabharata Facts: भारतीय परंपरा का सबसे विशाल महाकाव्य महाभारत केवल एक युद्ध कथा नहीं, बल्कि जीवन के हर पहलू को समझाने वाला ग्रंथ है. इसकी रचना महर्षि वेदव्यास ने की और इसे लिखने का श्रेय भगवान गणेश को दिया जाता है. समय के साथ यह ग्रंथ इतना विस्तृत हो गया कि आज इसे दुनिया का सबसे बड़ा महाकाव्य माना जाता है. आइए जानते हैं, इस महाकाव्य के कुछ अनसुने और रोचक फैक्ट्स.

गणेश और लेखन की अनोखी शर्त

कहानी के अनुसार, वेदव्यास चाहते थे कि महाभारत बिना रुके लिखी जाए. इसके लिए गणेश जी तैयार हुए, लेकिन उन्होंने शर्त रखी कि व्यास जी एक क्षण भी नहीं रुकेंगे. जवाब में व्यास जी ने भी शर्त रखी कि गणेश जी हर श्लोक को समझकर ही लिखेंगे. यही संतुलन इस दिव्य लेखन का आधार बना.

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टूटा दांत, अटूट संकल्प

लेखन के दौरान जब गणेश जी की कलम टूट गई, तो उन्होंने बिना समय गंवाए अपना एक दांत तोड़कर उसे ही लेखनी बना लिया. यह घटना समर्पण और ज्ञान के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाती है.

‘जय’ से ‘महाभारत’ तक

शुरुआत में इस ग्रंथ का नाम ‘जय’ था, जिसमें लगभग 8,800 श्लोक थे. बाद में यह ‘भारत’ और फिर ‘महाभारत’ बन गया. आज इसमें एक लाख से अधिक श्लोक हैं, जो इसे ग्रीक महाकाव्यों से कई गुना बड़ा बनाते हैं.

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संख्या 18 का रहस्य

महाभारत में 18 संख्या बार-बार दिखाई देती है. युद्ध 18 दिन चला. कुल 18 पर्व हैं. गीता के भी 18 अध्याय हैं. यहां तक कि युद्ध में 18 अक्षौहिणी सेना शामिल थी. इसे संयोग से ज्यादा प्रतीक माना जाता है.

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रहस्यमयी पात्र और कथाएं

अश्वत्थामा को चिरंजीवी माना जाता है. भीष्म के पास ऐसे बाण थे जो युद्ध खत्म कर सकते थे. बर्बरीक के तीन बाण पूरी सेना नष्ट करने में सक्षम थे. सहदेव के बारे में मान्यता है कि उन्हें भविष्य का ज्ञान था.

13,000 पृष्ठों का प्रामाणिक संस्करण

पुणे के एक शोध संस्थान ने 47 वर्षों के प्रयास से महाभारत का आलोचनात्मक संस्करण तैयार किया. यह करीब 13,000 पृष्ठों में फैला है और इसे सबसे प्रामाणिक माना जाता है.

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अक्षय तृतीया से हुई लेखन की शुरुआत

मान्यता है कि महाभारत का लेखन अक्षय तृतीया के दिन शुरू हुआ. इस कारण यह दिन ज्ञान, शुभ कार्य और नई शुरुआत के लिए विशेष माना जाता है.

जीवन-दर्शन का खजाना

महाभारत में केवल युद्ध नहीं, बल्कि धर्म, नीति, कर्तव्य और संबंधों की गहरी समझ छिपी है. भगवद गीता इसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आज भी जीवन को दिशा देती है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Apr 07, 2026 07:11 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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