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Religion

Kedarnath Yatra: अद्भुत और दिव्य हैं केदारनाथ के कुंड, 3 हो चुके गायब, जानें हरेक की खासियत

Kedarnath Yatra: 22 अप्रैल को कपाट खुलते ही केदारनाथ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। यहां ज्योतिर्लिंग के साथ 5 दिव्य कुंड भी हैं, जिनमें 2 दिखते हैं और 3 लापता माने जाते हैं। आइए जानते हैं, केदारनाथ के अद्भुत और दिव्य कुंड के बारे में?

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Written By: Shyamnandan Updated: Apr 22, 2026 18:19
Kedarnath-Yatra

Kedarnath Yatra: चार धाम यात्रा शुरू हो चुकी है। 22 अप्रैल को केदारनाथ के कपाट खुलते ही आस्था की बाढ़ आ गई। हजारों भक्त कठिन रास्तों को पार कर बाबा के दर्शन को पहुंच रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यहां सिर्फ ज्योतिर्लिंग ही नहीं, बल्कि कई पवित्र कुंड भी हैं, जिनका अपना अनूठा महत्व है? ये अद्भुत और दिव्य कुंड संख्या में 5 हैं, जिसमें से दो कुंड दिखते हैं और 3 गायब हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इनके बारे में।

उदक कुंड: जहां लौटता है शिवलिंग का चढ़ा जल

मंदिर से महज सौ मीटर की दूरी पर उदक कुंड स्थित है। मान्यता रोमांचक है – इस कुंड में वही जल आता है, जो भक्त शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। यानी बाबा का प्रसाद लौटकर यहां आता है। भक्त यहां फिर से पूजा करते हैं और इस जल को अपने साथ ले जाते हैं। कहा जाता है कि अंतिम समय में इस जल का सेवन मोक्ष का रास्ता खोलता है।

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अमृत कुंड: बीमारियों की दवा छुपी है यहां

अमृत कुंड को रोग निवारण का चमत्कारी स्रोत माना जाता है। स्थानीय लोग बताते हैं कि इसके जल का छिड़काव करने से शारीरिक कष्ट घटते हैं। यात्रा के दौरान थके भक्त यहां बैठकर ध्यान और प्रार्थना करते हैं। ठंडी बर्फ के बीच यह कुंड मानसिक शांति का अनोखा केंद्र बन जाता है। कई श्रद्धालु यहां घंटों बिताते हैं।

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लुप्त हो चुके हैं तीन कुंड

केदारनाथ में तीन कुंड अब दिखाई नहीं देते, लेकिन उनकी कहानियां सुनने लायक हैं। हवन कुंड पहले मंदिर के सामने था, लेकिन प्राकृतिक आपदा में मिट गया। रेतस कुंड कामदेव और रति की प्रेम कथा से जुड़ा है। कहा जाता है, मंत्र पढ़ने पर इसमें बुलबुले उठते थे। हंस कुंड में पितरों का तर्पण और अस्थियां विसर्जित की जाती थीं।

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यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में मौसम पलक झपकते बदलता है। गर्म कपड़े, दवाएं और ऑक्सीजन की बोतल साथ रखना बेहद जरूरी है। सुबह जल्दी दर्शन करने से भीड़ कम रहती है और समय भी बचता है। प्रशासन ने इस बार रास्तों की मरम्मत और मेडिकल सुविधाओं के खास इंतजाम किए हैं। हेलिकॉप्टर सेवा भी पूरी तरह चालू है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Apr 22, 2026 06:19 PM

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