Kaalchakra: सही तरीके से करें मंत्रों का जाप, वरना नहीं मिलेगा कोई लाभ, पंडित सुरेश पांडेय से जानिए
Kaalchakra Today: आज 14 जुलाई 2026 मंगलवार के दिन कालचक्र में मंत्रों का जाप करने के और इसके फायदों के बारे में जानेंगे. मंत्रों का जाप सही तरीके से करना चाहिए. गलत तरीके से मंत्र जाप करना आपके लिए नुकसान का कारण बन सकता है. आइये इसके बारे में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से विस्तार से जानते हैं.
Kaalchakra Today 14 July 2026: आज 14 जुलाई को आषाढ़ माह की अमावस्या है. दोपहर 3 बजकर 12 मिनट पर प्रतिपदा तिथि आरंभ हो जाएगी. आज के कालचक्र में मंत्रों का जाप करने के बारे में जानेंगे. सही तरीके से मंत्र जाप करने से शुभ परिणाम मिलते हैं. आज पुनर्वसु नक्षत्र रात को 12 बजकर 9 मिनट तक रहेगा, इसके बाद पुष्य नक्षत्र आरंभ होगा. व्याघात योग दोपहर में 11 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. इसके बाद हर्षण योग रहेगा. नाग करण दोपहर 3 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. किंस्तुघ्न करण रात में 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. इसके बाद बव करण आरंभ होगा. आइये कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय से मंत्र जाप के नियम और फायदों के बारे में जानते हैं.
मंत्रों का जाप करने के लाभ
मंत्रोच्चारण करना धार्मिक दृष्टि से बहुत ही अच्छा होता है. मंत्र का जाप करने से शरीर में कंपन जैसी स्थिति पैदा होती है. जीभ, होठ, तालु और शरीर के अन्य जोड़ों पर प्रेशर पड़ता है. मंत्र जाप के कंपन से ग्रंथि को उत्तेजित होती है. इसके प्रभाव से सेहत अच्छी रहती है. मंत्रों का सही से जाप करने से एकाग्रता बढ़ती है. इन लोगों की ह्रदय सेहत अच्छी रहती है. तनाव, डिप्रेशन और टेंशन से मुक्ति मिलती है. इससे ब्लड प्रेशन ठीक रहता है और मंत्र जाप सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है.
धीरे-धीरे बोलकर मंत्र जाप करना अच्छा नहीं होता है. मंत्र का जाप मन ही मन करना चाहिए. मानसिक जाप करना सबसे उत्तम माना जाता है. जाप करने के चार प्रकार होते हैं. वाचिक, उपांशु, मध्यमा और पश्यंती इन चार प्रकार से मंत्र जाप करना चाहिए. बोलकर मंत्र जाप करना वाचिक होता है. इस प्रकार के मंत्र जाप में धीरे-धीरे स्वर के साथ मंत्र जाप किया जाता है. उपांशु मंत्र का अर्थ है कि, जब होठ और जीभ हिलती है और आवाज बाहर न आएं. मंत्र को मन में कंठ से बोलना मध्यमा होता है. इसमें आवाज भी नहीं आती है और जीभ होठ नहीं हिलते हैं. ध्यान करते समय मंत्र जाप करने को पश्यंती कहते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Kaalchakra Today 14 July 2026: आज 14 जुलाई को आषाढ़ माह की अमावस्या है. दोपहर 3 बजकर 12 मिनट पर प्रतिपदा तिथि आरंभ हो जाएगी. आज के कालचक्र में मंत्रों का जाप करने के बारे में जानेंगे. सही तरीके से मंत्र जाप करने से शुभ परिणाम मिलते हैं. आज पुनर्वसु नक्षत्र रात को 12 बजकर 9 मिनट तक रहेगा, इसके बाद पुष्य नक्षत्र आरंभ होगा. व्याघात योग दोपहर में 11 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. इसके बाद हर्षण योग रहेगा. नाग करण दोपहर 3 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. किंस्तुघ्न करण रात में 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. इसके बाद बव करण आरंभ होगा. आइये कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय से मंत्र जाप के नियम और फायदों के बारे में जानते हैं.
मंत्रों का जाप करने के लाभ
मंत्रोच्चारण करना धार्मिक दृष्टि से बहुत ही अच्छा होता है. मंत्र का जाप करने से शरीर में कंपन जैसी स्थिति पैदा होती है. जीभ, होठ, तालु और शरीर के अन्य जोड़ों पर प्रेशर पड़ता है. मंत्र जाप के कंपन से ग्रंथि को उत्तेजित होती है. इसके प्रभाव से सेहत अच्छी रहती है. मंत्रों का सही से जाप करने से एकाग्रता बढ़ती है. इन लोगों की ह्रदय सेहत अच्छी रहती है. तनाव, डिप्रेशन और टेंशन से मुक्ति मिलती है. इससे ब्लड प्रेशन ठीक रहता है और मंत्र जाप सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है.
धीरे-धीरे बोलकर मंत्र जाप करना अच्छा नहीं होता है. मंत्र का जाप मन ही मन करना चाहिए. मानसिक जाप करना सबसे उत्तम माना जाता है. जाप करने के चार प्रकार होते हैं. वाचिक, उपांशु, मध्यमा और पश्यंती इन चार प्रकार से मंत्र जाप करना चाहिए. बोलकर मंत्र जाप करना वाचिक होता है. इस प्रकार के मंत्र जाप में धीरे-धीरे स्वर के साथ मंत्र जाप किया जाता है. उपांशु मंत्र का अर्थ है कि, जब होठ और जीभ हिलती है और आवाज बाहर न आएं. मंत्र को मन में कंठ से बोलना मध्यमा होता है. इसमें आवाज भी नहीं आती है और जीभ होठ नहीं हिलते हैं. ध्यान करते समय मंत्र जाप करने को पश्यंती कहते हैं.
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आप इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए आप ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं.