---विज्ञापन---

Religion angle-right

Gupt Navratri 2026: कब शुरू होगी गुप्त नवरात्रि? सामान्य नवदुर्गा उत्सव से कितना अलग है ये खास पर्व

Gupt Navratri 2026: आषाढ़ महीने में गुप्त नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि शुरू होती है. यह सामान्य नवरात्रि पूजा से अलग होती है. इन दोनों में क्या अंतर होता है, आइये जानते हैं.

---विज्ञापन---

Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि का पर्व सामान्य नवरात्रि से अलग होता है. नवरात्रि का पर्व साल में चार बार आता है. इनमें से चैत्र और अश्विनी माह में सामान्य नवरात्रि होती है. इसके अलावा माह और आषाढ़ महीने में गुप्त नवरात्रि होती है. अब जुलाई में आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि का आरंभ होने वाला है. आषाढ़ में गुप्त नवरात्रि कब से है और यह सामान्य नवरात्रि से कैसे अलग होती है. आइये इसके बारे में जानें.

कब शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि?

आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा का आरंभ आज 14 जुलाई की दोपहर 3 बजकर 12 मिनट पर हो जाएगा. इसका समापन अगले दिन 15 जुलाई को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर होगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि का पहला दिन 15 जुलाई को होगा. इस दिन नवरात्रि का आरंभ होगा. गुप्त नवरात्रि का समापन 23 जुलाई को होगा. नवरात्रि के नौ दिनों मां दुर्गा के साथ 10 महाविद्याओं की आराधना की जाएगी.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें – Ashadh Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं की होती है पूजा, जानिए किस दिन करें किसकी आराधना

क्यों अलग है गुप्त नवरात्रि?

सामान्य नवरात्रि के पर्व के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा पूजा की जाती है. जबकि, गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है. गुप्त नवरात्रि तंत्र साधनाओं और सिद्धि की प्राप्ति के लिए खास होती है. इन दिनों तांत्रिक पूजा करने की परंपरा है. सामान्य नवरात्रि की तुलना में गुप्त नवरात्रि के दौरान सार्वजनिक उत्सव देखने को नहीं मिलता है. मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि के दौरान गोपनीय रूप से पूजा करने पर लाभ मिलता है. यह समय साधना, पूजा, ध्यान और आत्मचिंतन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.

---विज्ञापन---

गुप्च नवरात्रि में करें 10 महाविद्याओं की पूजा

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में मां कालिके, मां तारा देवी, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला की पूजा की जाती है. पहले दिन से लेकर अंतिम दिन तक इसी क्रम में देवी की आराधना की जाती है.

ये भी पढ़ें – Ashadh Gupt Navratri 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में करें दस महाविद्याओं की पूजा, जानें घटस्थापना मुहूर्त और संपूर्ण विधि

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jul 14, 2026 08:17 AM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola