Kaalchakra: मनोकामना पूर्ति के लिए बेहद खास है अमावस्या तिथि, पंडित सुरेश पांडेय से जानें महत्व और उपाय

Kaalchakra Today: साल में आने वाली हर एक अमावस्या तिथि का खास महत्व है, जिस दिन पूजा-पाठ करने से साधक देवी-देवताओं से मनचाहा वर भी प्राप्त कर सकता है। चलिए पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं 12 अमावस्या तिथि के नाम, महत्व और उपायों के बारे में।

Kaalchakra Today

सांकेतिक फोटो, Credit- News24 Graphics

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Kaalchakra Today: साल में कुल 12 बार यानी हर माह एक बार अमावस्या आती है, जिसका अपना खास महत्व है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार अमावस्या की तिथि तय की जाती है। हर एक अमावस्या अलग-अलग देवी-देवताओं को समर्पित है, जिस दिन पूजा-पाठ करने से साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है। साथ ही अमावस्या तिथि पर पितरों को खुश करने के लिए पूजा, गंगा स्नान और जरूरतमंद लोगों को दान देना शुभ रहता है।

आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको 12 अमावस्या के नाम, महत्व और उस दिन करने वाले उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं।

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12 अमावस्या तिथि का महत्व

  • हिंदू कैलेंडर के पहले महीने चैत्र अमावस्या आती है, जिसमें पितृ तर्पण किया जाता है। साथ ही शिवलिंग पर दूध, जल और तिल चढ़ाया जाता है। इसके अलावा पीपल के पेड़ की पूजा करना भी शुभ रहता है।
  • वैशाख की अमावस्या को पाप नाशक अमावस्या माना जाता है, जिसमें तिल, घी और गुड़ का दान करना चाहिए। साथ ही गंगा स्नान करना शुभ रहता है।
  • ज्येष्ठ अमावस्या को पारिवारिक जीवन की सुख-शांति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा के साथ-साथ पितरों का तर्पण किया जाता है। साथ ही शनि पूजा से लाभ मिलता है।
  • आषाढ़ अमावस्या प्रकृति की पूजा के लिए महत्वपूर्ण है। इस दिन पेड़-पौधे लगाए जाते हैं। साथ ही पितरों को संतुष्ट करने के लिए तर्पण किया जाता है।
  • श्रावण अमावस्या भगवान शिव की पूजा के लिए खास है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध और तिल चढ़ाया जाता है।
  • भाद्रपद अमावस्या में कुश घास एकत्र करके पूजा की जाती है। साथ ही पितरों के नाम से दान और श्राद्ध किया जाता है।
  • आश्विन अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या या महालय अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दिन पितृ तर्पण, श्राद्ध और दान किया जाता है।
  • कार्तिक अमावस्या पर धन के देवता कुबेर और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
  • मार्गशीर्ष अमावस्या पर दत्तात्रेय भगवान की पूजा करनी चाहिए। साथ ही पितरों के नाम से तर्पण करना शुभ रहता है।
  • पौष अमावस्या मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए खास होती है। इस दिन मौन व्रत रखा जाता है। साथ ही ध्यान-मंत्र जाप किया जाता है।
  • माघ या मौनी अमावस्या पर मौन व्रत रखा जाता है। साथ ही किसी तीर्थ क्षेत्र में स्नान और दान करना शुभ रहता है।
  • फाल्गुन अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा की जाती है। साथ ही तंत्र साधना करना शुभ रहता है।

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अमावस्या के उपाय

  • अमावस्या के पावन दिन पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें। नहाते समय जल में दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली से त्रिकोण बनाएं। इस उपाय से धन की कमी दूर होती है।
  • अमावस्या तिथि के दिन पितरों के नाम से किसी भूखे व्यक्ति को भोजन कराएं। इससे आपको अपने पितरों का आशीर्वाद जरूर मिलेगा।
  • इन 12 तिथियों पर जल में काले तिल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ रहता है।
  • अमावस्या तिथि में प्रदोष काल में दीप दान करने से पितृ की कृपा प्राप्त होती है।

यदि आप अमावस्या तिथि के दिन राशि अनुसार करने वाले उपायों के बारे में जानना चाहते हैं तो इसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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