Astro Tips: अक्सर देखा जाता है कि जयकारा लगाते समय लोग अपने दोनों हाथ ऊपर की तरफ उठाते हैं, लेकिन क्या आपने इस बात पर गौर किया है कि ऐसा क्यों किया जाता है? हाथ जोड़कर या सीधे खड़े होकर जयकारा क्यों नहीं लगाया जाता है? यदि नहीं, तो चलिए जानते हैं इसके पीछे के धार्मिक कारण के बारे में. साथ ही आपको जयकारा लगाते समय हाथ ऊपर करने से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से जानने को मिलेगा.
जयकारा लगाते समय हाथ क्यों ऊपर उठाने चाहिए? (why raising hands in prayer)
जयकारे के दौरान हाथ ऊपर उठाना शुभ होता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, ये देवी-देवताओं के प्रति समर्पण का भाव प्रकट करने का एक तरीका है. ये भाव भक्त के अंतरात्मा में स्वयं आता है, जो दर्शाता है कि वो भगवान की शरण में खुद आया है. साथ ही इस भाव को देवी-देवताओं के प्रति अटूट आस्था और अहंकार को त्यागने का प्रतीक माना जाता है. इसके अलावा ये (जयकारा लगाना) देवी-देवताओं से प्रार्थना करने का भी एक तरीका है. इसके माध्यम से भक्त भगवान से अपने सारे दुख व कष्ट को दूर करने की विनती करता है.
जयकारा लगाते समय हाथ उठाने के लाभ
जयकारा लगाते समय दोनों हाथ को ऊपर उठाना शुभ होता है. इससे न सिर्फ मन शांत होता है, बल्कि आत्मा को शांति भी मिलती है. साथ ही शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है.
जयकारा लगाने से जुड़े नियम
- पूर्ण समर्पण और पूरे उत्साह के साथ जयकारा लगाना चाहिए.
- जयकारे के दौरान ऊंचे स्वर में भगवान का नाम लें और साथ में दोनों हाथ को ऊपर उठाएं.
- आसन पर बैठकर या खड़े होकर दोनों तरीकों से जयकारा लगाया जा सकता है.
- किसी भी अनुष्ठान, आरती, या पूजा के समाप्त होने के बाद ही जयकारा लगाना चाहिए.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.