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क्या आपके घर के पास है नदी-नाला, हो जाएं सचेत, जानें किस ओर होनी चाहिए पानी के बहाव की दिशा

Vastu Tips: अपना घर होना एक अच्छे सौभाग्य की निशानी है। लेकिन यह सौभाग्य दुर्भाग्य में न बदले, इसके लिए मकान बनवाने या खरीदने से पहले वास्तु के दो नियमों का ध्यान विशेष रूप से रखना चाहिए- घर के पास नदी-नाला और जल बहाव की दिशा। आइए जानते हैं, इससे जुड़े वास्तु नियम।

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Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में जल यानी पानी, नदी-नाले और जल की बहाव की दिशा को बहुत महत्व दिया गया है। इस शास्त्र के मुताबिक घर बनाने के लिए जमीन लेते समय या मकान बनवाते समय दो महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। पहला यह कि घर के पास कोई नदी या नाला न हो और दूसरा यह कि पानी के बहाव की दिशा किस ओर है? आइए जानते हैं, इसे लेकर वास्तु शास्त्र में क्या कहा गया है?

घर के पास न हो नदी-नाला

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, कभी भी घर से सटा हुआ कोई नदी या नाला नहीं होना चाहिए। इस वास्तु नियम का उल्लंघन करने से घर में भयंकर वास्तु दोष पैदा होता है। घर की समृद्धि और घर के सदस्यों की प्रगति पर विशेष असर पड़ता है। इससे न केवल प्रगति रुकती है, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं।

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पानी के बहाव की शुभ-अशुभ दिशा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब भी मकान बनवाएं तो पानी के स्रोत और उसके बहाव की दिशा का निश्चित रूप से ध्यान रखें। पानी के निकास के लिए सबसे अच्छी दिशा उत्तर है। जिन घरों पानी के बहाव की दिशा दक्षिण, पश्चिम या नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर होता है, उस घर के वासी कभी खुश नहीं रहते हैं। जबरदस्त धन हानि होती है, परिवार कलह बढ़ जाता है, घर में अप्रिय घटनाएं जैसे आत्महत्या, दुर्घटनाएं या अकाल मृत्यु हो सकती हैं।

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किस दिशा में बहना चाहिए वर्षा का जल

वास्तु नियम के मुताबिक, मकान बनवाते समय जल बहाव के लिए ढलान उत्तर दिशा में रखना चाहिए। वर्षा के पानी का इस दिशा में निकासी होने से घर में धन-दौलत की बरकत होती है। लेकिन साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि वह पड़ोसी के घर में नहीं जाना चाहिए, अन्यथा रिश्ते खराब हो सकते हैं।

जल बहाव की यह दिशा है सबसे अशुभ

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर या प्लॉट में पानी के बहाव की दिशा भूल कर भी आग्नेय कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर नहीं होना चाहिए। यह दिशा बेहद अशुभ मानी गई है, जो मृत्यु का कारक होता है। जबरदस्त धन हानि होती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jun 01, 2024 03:38 PM

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Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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