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दिल्ली का नीली छतरी मंदिर, पांडवों ने यहीं किया था अश्वमेध यज्ञ, जानें क्यों लगाते हैं 5 लड्डुओं का भोग

Temples of India: दिल्ली का प्रसिद्ध नीली छतरी मंदिर न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। यहां 5 लड्डुओं का भोग लगाने की विशेष परंपरा है। आइए जानते हैं, इस पांडवकालीन मंदिर मंदिर से जुड़ी 7 रोचक और महत्वपूर्ण बातें।

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Temples of India: महाभारत काल में दिल्ली और आसपास का क्षेत्र हस्तिनापुर के नाम से विख्यात था। यहां इस काल के अनेक अवशेष बिखरे पड़े हैं, जो हमें उस काल की संस्कृति और वैभव की झलक देते हैं। दिल्ली का प्रसिद्ध नीली छतरी मंदिर भी इसी काल से संबंधित माना जाता है। आइए जानते हैं, इस ऐतिहासिक मंदिर से जुड़ी 7 रोचक और महत्वपूर्ण बातें।

1. युधिष्ठिर ने बनवाया था मंदिर

नीली छतरी मंदिर केवल दिल्ली का ही नहीं बल्कि भारत का एक प्राचीन मंदिर, जो भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर दिल्ली में बहारदुर शाही गेट के नजदीक यमुना बाजार क्षेत्र में निगमबोध घाट के पास बना है। मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण स्वयं युधिष्ठिर ने करवाया था।

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2. यहीं हुआ था अश्वमेध यज्ञ

महाभारत युद्ध समाप्त होने बाद जब युधिष्ठिर राजा बने, तो उन्होंने चक्रवर्ती सम्राट बनने के लिए यहीं पर अश्वमेध यज्ञ किया था। इस यज्ञ के लिए ही उन्होंने शिवलिंग स्थापित कर यहां एक विशाल हवन कुंड बनवाया था।

3. इसलिए कहते हैं नीली छतरी मंदिर

कहते हैं, इस मंदिर के शिखर पर नीलम रत्न जड़ा हुआ था, जब इस पर चांद की रोशनी पड़ती थी, तो उससे निकली भव्य नीली आभा मन को मोह लेती थी। इसलिए लोग इस मंदिर को नीली छतरी मंदिर कहने लगे और भगवान शिव का नाम भी ‘नीली छतरी वाले’ पड़ गया।

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4. लड्डुओं का विशेष भोग

इस मंदिर में भगवान शिव को लड्डुओं का विशेष भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि देवाधिदेव महादेव को जो श्रद्धालु सच्चे मन और पूरी निष्ठा से 5 लड्डुओं का भोग लगाते है, उनकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है।

5. भांग का गोला और धतूरा चढ़ाने की विशेष परंपरा

लगभग 5,500 साल प्राचीन इस शिव मंदिर में भक्तगण मनोकामनापूर्ति के लिए बाबा भोलेनाथ को विशेष रूप से भांग का गोला और धतूरा चढ़ाते हैं और रुद्राभिषेक करवाते हैं।

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6. सावन में विशेष अभिषेक 

हर सोमवार को इस मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ जुटती है। साथ ही श्रावण मास में श्रद्धालु हरिद्वार से कांवर में गंगाजल लेकर यहां आते है और सोमवार को भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।

7. यहां की महाशिवरात्रि है खास

महाशिवरात्रि पर्व के दिन भगवान नीली छतरी वाले का चार प्रहर की विशेष पूजा होती है और चार प्रकार की वस्तुओं—दूध, घी, शहद और गन्ने के रस—से विशेष अभिषेक किया जाता है, जो इसे और शिव मंदिरों से अलग बनाती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jun 01, 2024 01:34 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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