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Hindu Beliefs: शाम के बाद न करें ये 6 काम, पड़ता है सुख-समृद्धि और बरकत पर नेगेटिव असर

Hindu Beliefs: हिन्दू धर्म में सूर्यास्त के बाद कुछ कामों को करना शास्त्रो में अशुभ बताया गया है, क्योंकि संध्या काल में घर की ऊर्जा तेजी से बदलती है. माना जाता है कि इस समय की गई गलत आदतें सुख-समृद्धि और बरकत को प्रभावित कर सकती हैं. आइए जानते हैं, शाम के बाद कौन-से 6 काम मनाही हैं और इनके पीछे क्या वजह है?

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Hindu Beliefs: सनातन धर्म में सूर्यास्त के बाद का समय अत्यंत संवेदनशील माना गया है. यह दिन और रात के मिलन का पल होता है, जिसे संध्या काल कहा गया है. इस दौरान वातावरण की ऊर्जा बदलती है और घर-परिवार की खुशियों पर इसका प्रभाव पडता है. धर्म शास्त्रों और परंपराओं में कुछ ऐसे काम बताए गए हैं, जिन्हें शाम के बाद करने से बचना चाहिए. आइए इन नियमों को कारण सहित विस्तार से समझते हैं कि शाम के बाद कौन-काम नहीं करने चाहिए और क्यों?

शाम ढलते ही न सोएं

संध्या के समय सोना आलस्य को बढाता है. माना जाता है कि इस समय सोने से शरीर सुस्त हो जाता है और मन की सक्रियता कम हो जाती है. बुजुर्गों का कहना है कि शाम की नींद से दुर्भाग्य भी आ सकता है. बेहतर है कि इस समय थोड़ी देर टहलें, पानी पिएं या परिवार के साथ कुछ समय बिताएं.

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अंधेरा होते ही न करें झाडू का उपयोग

शाम के बाद झाडू लगाने को लक्ष्मी का अपमान कहा गया है. धार्मिक मान्यताओं में कहा गया है कि संध्या के समय घर में झाडू चलाने से बरकत घटती है. यह भी माना जाता है कि इस समय घर की ऊर्जा स्थिर होती है, और सफाई करने से इसका संतुलन बिगड सकता है. इसलिए सफाई हमेशा सुबह या दिन में करना अधिक शुभ है.

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घर की देहरी पर न बैठे

घर की दहलीज को शुभ प्रवेश द्वार माना गया है. शाम के समय इस पर बैठना ऊर्जा प्रवाह को रोकता है और सौभाग्य को दूर करता है. सुरक्षा की दृष्टि से भी यह ठीक नहीं है. दहलीज को हमेशा साफ और खाली रखना सकारात्मकता लाता है और घर में शांति बनी रहती है.

शाम के बाद तुलसी पूजा से बचें

तुलसी को देवी का स्वरूप माना गया है, लेकिन सूर्यास्त के बाद तुलसी को छूने, पूजा करने या पत्ते तोडने की मनाही है. शाम को तुलसी विश्राम की स्थिति में रहती है. इसी कारण से इसे रात में जल देना या इसके पास तेज आवाज करना भी शुभ नहीं माना गया है. तुलसी की आराधना सुबह के समय अधिक फलदायी मानी जाती है.

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संध्याकाल में ‘नो’ फिजिकल रिलेशन

धर्म ग्रंथों में लिखा है कि संध्या के समय शारीरिक संबंध बनाने से मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा पर विपरीत प्रभाव पडता है. इसे घर के वातावरण को असंतुलित करने वाला बताया गया है. कहा जाता है कि इस समय ऐसा करने से दाम्पत्य जीवन में तनाव भी बढ सकता है.

गंदगी फैलाने या थूकने से बचें

शाम के बाद घर को गंदा रखना या गलत जगह थूकना अशुभ माना गया है. यह न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि घर की पवित्रता को भी प्रभावित करता है. स्वच्छता हर धर्म में महत्वपूर्ण मानी गई है और शाम के बाद यह और भी जरूरी हो जाती है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Dec 12, 2025 03:30 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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