Rudraksh Bracelet Benefits: क्यों ट्रेंड में है रुद्राक्ष ब्रेसलेट, क्या सच में 'एंग्जायटी' होती है दूर, जानें

Rudraksh Bracelet Benefits: रुद्राक्ष को भगवान शिव के आंसुओं का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि इसे धारण करने से शांति, सौभाग्य और समृद्धि बढ़ती है. आजकल Gen Z में रुद्राक्ष ब्रेसलेट फैशन और लाइफस्टाइल ट्रेंड बन गया है. आइए जानते हैं, इसकी पीछे क्या कारण है?

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Rudraksh Bracelet Benefits: रुद्राक्ष के बारे में मान्यता है कि ये रुद्र यानी भगवान शिव के आंख से निकले आंसू के प्रतीक हैं, जिसे उचित विधि से धारण करने पर सौभाग्य, शांति और समृद्धि बढ़ती है. आजकल जेन जी यानी युवाओं में रुद्राक्ष ब्रेसलेट तेजी से उनके लाइफस्टाइल और फैशन ट्रेंड बन गए हैं. आज की Gen Z पीढ़ी फैशन के साथ इसे एंग्जायटी यानी तनाव और एंग्जायटी अटैक को कम करने का माध्यम मान रही है. आइए जानते हैं, इसमें कितनी सच्चाई है?

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क्यों ट्रेंड में हैं रुद्राक्ष ब्रेसलेट?

अभी पूरी दुनिया में स्पिरिचुअल-फैशन का मेल चल रहा है. लोग पुरानी मान्यताओं और धारणाओं को अति-आधुनिकता से जोड़ कर चल रहे हैं. इसी ‘लुक फॉर द पास्ट’ पॉलिसी के तहत आज मॉडर्न लाइफस्टाइल में Gen Z और कामकाजी लोग स्पिरिचुअल होने के साथ स्टाइलिश दिखना चाह रहे हैं.

रुद्राक्ष के साथ जो एक सबसे बड़ी बात है, वह यह कि यह माला, ब्रेसलेट, ईयर रिंग, हेयर बैंड आदि के रूप में आसानी से पहनी जा सकती है. साथ ही, ये हर तरह के आउटफिट, चाहे वह कैजुअल हो या फॉर्मल, अच्छे से मैच कर कर जाता है.

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क्या सच में एंग्जायटी होती है दूर?

सनातन धर्म में रुद्राक्ष को बहुत विशेष माना गया है. यह रक्तचाप नियंत्रण और मानसिक स्थिरता के लिए रामबाण उपाय की तरह माना गया है. मान्यता है कि रुद्राक्ष की ऊर्जा नर्वस सिस्टम पर सकारात्मक असर डालती है, जिससे हाइपर थिंकिंग और घबराहट में कमी आती है.

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आपको बता दें कि वैदिक संहिताओं में कलाई की नब्ज को सीधा मन-मस्तिष्क और हृदय से जुड़ा माना गया है. कलाई में रुद्राक्ष मन को शांत और मस्तिष्क को जागृत रखता है. यही कारण है कि ऋषि-मुनि कलाई में भी रुद्राक्ष की माला यानी ब्रेसलेट पहनते थे.

आपको बता दें कि रुद्राक्ष ब्रेसलेट मूड को बैलेंस में रखता है. यह नींद की समस्या को दूर कारेने और एंग्जायटी अटैक को कम करने में भी सहायक है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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