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Gupt Navratri 2026: 12 साल बाद आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में बने दुर्लभ योग, पूजा के लिए मिलेंगे मात्र इतने दिन, जानें क्या है खास

Gupt Navratri 2026: आषाढ़ नवरात्रि हिन्दू वर्ष की पहली गुप्त नवरात्रि है. पंचांग के अनुसार, 12 साल बाद बन रहे दुर्लभ शुभ योग इस वर्ष इस पावन पर्व का महत्व बढ़ा रहे हैं. जानिए घट स्थापना का मुहूर्त और इस बार क्या रहेगा खास?

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Gupt Navratri 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि तंत्र-मंत्र और दस महाविद्याओं की साधना का महाकाल है. यह वह समय है जब साधक रात-रात भर जागकर मां दुर्गा के गुप्त स्वरूपों की आराधना करते हैं. इस बार यह नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू हो रही है और 23 जुलाई तक चलेगी. खास बात यह है कि 12 साल बाद ऐसे दुर्लभ योग बन रहे हैं, जो इस पर्व को और भी खास बना रहे हैं. आइए जानते हैं, घट स्थापना का मुहूर्त क्या है और इस बार क्या खास होगा?

कब से कब तक?

गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई, बुधवार से शुरू होकर 23 जुलाई तक मनाई जाएगी. घटस्थापना के लिए 15 जुलाई की सुबह 5:33 बजे से 10:09 बजे तक का समय शुभ है. घटस्थापना 15 जुलाई को सुबह 5:33 बजे से 10:09 बजे के बीच की जानी चाहिए. चतुर्थी तिथि के क्षय होने के कारण यह नवरात्रि 9 के बजाय 8 दिनों की होगी और 23 जुलाई को समाप्त होगी.

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दुर्लभ योगों की बौछार

इस बार गुप्त नवरात्रि की शुरुआत कई शुभ योगों के साथ हो रही है. 15 जुलाई को चंद्रमा और गुरु कर्क राशि में साथ होंगे, जिससे गजकेसरी राजयोग बनेगा. गुरु 12 साल बाद कर्क राशि में हैं, इसलिए यह योग बहुत खास है. साथ ही, इस दिन बुध-पुष्य योग भी बनेगा, क्योंकि पुष्य नक्षत्र पूरे दिन रहेगा. बुध और सूर्य मिथुन राशि में होने से बुधादित्य राजयोग भी बन रहा है. पूरे नौ दिनों में दो सर्वार्थ सिद्धि योग और तीन रवि योग भी बनेंगे.

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क्या है खास?

आम नवरात्रि में नवदुर्गा की पूजा होती है, लेकिन गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं – मां काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला – की साधना की जाती है. इस नवरात्रि की साधना को गुप्त रखने की परंपरा है.

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क्या करें, क्या न करें?

23 जुलाई को भड़ली नवमी है, लेकिन 16 जुलाई से गुरु तारा अस्त हो जाएंगे. इसलिए इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे. 25 जुलाई से देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास शुरू हो जाएगा, जिसके बाद अगले चार महीने तक कोई शुभ कार्य नहीं होंगे.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jul 08, 2026 07:06 PM

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Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे वैदिक ज्योतिष (पाराशरीय), अंक ज्योतिष (न्यूमरोलॉजी) और सामुद्रिक शास्त्र के क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक सक्रिय ज्योतिषविद हैं। जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके।  धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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