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Eid Ka Chand: सऊदी अरब में 20 मार्च को मनेगी ईद, भारत में कब होगा शव्वाल के चांद का दीदार

Eid Ka Chand: सऊदी अरब में शव्वाल का चांद नजर नहीं आया, लेकिन यहां 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी। अब सवाल है, क्या 19 मार्च की शाम भारत में चांद दिखेगा? अगर दिखा तो 20 मार्च, नहीं तो 21 मार्च को ईद होगी, आखिर भारत में चांद कब नजर आएगा?

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Eid Ka Chand: रमजान का पवित्र महीना अपने आखिरी दौर में है और अब हर किसी की नजर आसमान पर टिकी है। ईद-उल-फितर का त्योहार बस आने ही वाला है। सऊदी अरब से आई ताजा जानकारी के बाद भारत समेत कई देशों में चांद के दीदार को लेकर उत्साह और भी बढ़ गया है। बाजारों में रौनक है और घरों में तैयारियां तेज हो गई हैं।

सऊदी अरब में 30 रोजे पूरे

सऊदी अरब में इस बार रमजान के पूरे 30 रोजे रखे जाएंगे। वहां 29वें रोजे की शाम को शव्वाल का चांद नजर नहीं आया। इस कारण गुरुवार को आखिरी रोजा रखा जाएगा। इसके बाद शुक्रवार, 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी। खास नमाज सूर्योदय के कुछ देर बाद अदा की जाएगी और जश्न का सिलसिला शुरू होगा।

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भारत में कब दिखेगा चांद?

भारत में ईद की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है। आमतौर पर सऊदी अरब के एक दिन बाद यहां ईद होती है। इस बार 19 मार्च की शाम को चांद देखने की कोशिश की जाएगी। अगर उसी दिन चांद नजर आ गया, तो 20 मार्च को ईद होगी। अगर नहीं दिखा, तो 21 मार्च को त्योहार मनाया जाएगा।

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क्यों खास है चांद का दीदार?

इस्लामी कैलेंडर पूरी तरह चांद पर आधारित होता है। नया महीना चांद दिखने से शुरू होता है। इसी वजह से रमजान का अंत और ईद की शुरुआत भी चांद से जुड़ी होती है। देशभर में रुयत-ए-हिलाल कमेटियां बैठती हैं। वे चांद दिखने की पुष्टि करती हैं। इसके बाद ही आधिकारिक घोषणा होती है।

बाजारों में बढ़ी रौनक

दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद और मुंबई जैसे शहरों में बाजार सज चुके हैं। कपड़े, जूते, इत्र और सेवइयों की खूब खरीदारी हो रही है। दुकानों पर देर रात तक भीड़ देखी जा रही है। बच्चों के लिए खास कपड़े और खिलौने भी खरीदे जा रहे हैं।

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घरों में शुरू हुई तैयारी

घर-घर में पकवानों की तैयारी शुरू हो चुकी है। सेवइयां, खीर और कई मीठे व्यंजन बनाए जाते हैं। लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए तोहफे भी तैयार कर रहे हैं। ईद के दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, नमाज पढ़ते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं।

बदलते दौर में ईद का रंग

अब डिजिटल दौर में ईद की शुभकामनाएं सोशल मीडिया के जरिए भी दी जाती हैं। ऑनलाइन शॉपिंग और ई-गिफ्ट का चलन बढ़ा है। फिर भी चांद देखने की परंपरा और मिल-जुलकर खुशियां मनाने का उत्साह आज भी वैसा ही बना हुआ है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Mar 19, 2026 08:12 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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