Daridra Dahan Shiv Stotra Lyrics: यदि आप लंबे समय से कर्ज या आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं तो भगवान शिव की कृपा से आपकी ये समस्या दूर हो सकती है. पौराणिक शास्त्रों में ‘दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र’ का उल्लेख किया गया है, जो कि देवों के देव महादेव को समर्पित है. इस स्तोत्र में कुल 9 श्लोक हैं, जिसमें से पहले 8 श्लोक के जरिए भगवान शिव की स्तुति की जाती है, जबकि अंतिम 9वां श्लोक ‘फलश्रुति’ है यानी पाठ करने के लाभ के बारे में बताता है.
मान्यता है कि जो लोग नियमित रूप से ‘दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र’ का पाठ करते हैं, उन्हें पैसों की कमी तंग नहीं करती है. यहां तक कि एक कंगाल व्यक्ति भी राजा बन सकता है. चलिए अब जानें ‘दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र’ के लिरिक्स और इससे जुड़े अन्य जरूरी नियमों के बारे में.
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र के लिरिक्स
विश्वेश्वराय नरकार्णव तारणाय, कणामृताय शशिशेखरधारणाय।
कर्पूरकान्तिधवलाय जटाधराय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥१॥
गौरीप्रियाय रजनीशकलाधराय, कालान्तकाय भुजगाधिपकङ्कणाय।
गंगाधराय गजराजविमर्दनाय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥२॥
भक्तिप्रियाय भवरोगभयापहाय, उग्राय दुर्गभवसागरतारणाय।
ज्योतिर्मयाय गुणनामसुनृत्यकाय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥३॥
चर्मम्बराय शवभस्मविलेपनाय, भालेक्षणाय मणिकुण्डलमण्डिताय।
मंझीरपादयुगलाय जटाधराय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥४॥
पञ्चाननाय फणिराजविभूषणाय, हेमांशुकाय भुवनत्रयमण्डिताय।
आनन्दभूमिवरदाय तमोमयाय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥५॥
भानुप्रियाय भवसागरतारणाय, कालान्तकाय कमलासनपूजिताय।
नेत्रत्रयाय शुभलक्षण लक्षिताय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥६॥
रामप्रियाय रघुनाथवरप्रदाय, नागप्रियाय नरकार्णवतारणाय।
पुण्येषु पुण्यभरिताय सुरार्चिताय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥७॥
मुक्तेश्वराय फलदाय गणेश्वराय, गीतप्रियाय वृषभेश्वरवाहनाय।
मातङ्गचर्मवसनाय महेश्वराय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥८॥
वसिष्ठेन कृतं स्तोत्रं सर्वरोगनिवारणं। सर्वसंपत्करं शीघ्रं पुत्रपौत्रादिवर्धनम्।
त्रिसंध्यं यः पठेन्नित्यं स हि स्वर्गमवाप्नुयात्॥
॥ इति वसिष्ठ विरचितं दारिद्र्यदहनशिवस्तोत्रं सम्पूर्णम्॥
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र की रचना किसने की थी?
महर्षि वशिष्ठ ने दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र की रचना की थी. हालांकि, कुछ लोक-परंपराओं में आदि शंकराचार्य को भी इसका रचयिता माना जाता है.
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र के पाठ से जुड़े नियम
जल्दबाजी में या किसी के कहने पर दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ नहीं करना चाहिए. इसके अलावा स्तोत्र के शब्दों का गलत उच्चारण न करें और न ही इसे बीच में छोड़ें, अन्यथा आपको महापाप लग सकता है.
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ कितने दिन तक करना चाहिए?
लगातार 40 दिन तक सुबह-शाम 108 बार दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. मान्यता है कि इससे शिव जी खुश होते हैं और व्यक्ति की आर्थिक समस्या को हमेशा-हमेशा के लिए दूर करते हैं.