---विज्ञापन---

Religion angle-right

Buddha Quotes: महात्मा बुद्ध के 10 अनमोल विचार, जिसने बदल दी है करोड़ों लोगों की जिंदगी

Buddha Quotes: महात्मा बुद्ध ने कहा है 'अप्प दीपो भव' यानी अपने भीतर ज्ञान का प्रकाश जलाकर स्वयं मार्ग खोजें। सत्य, करुणा और जागरूकता से जीवन बदलता है, यही बुद्ध का संदेश है। आइए जानते हैं, भगवान बुद्ध के 10 अनमोल विचार।

---विज्ञापन---

Buddha Quotes: महात्मा बुद्ध का वह एक महान विचार जिसने सदियों से मानवता का मार्ग प्रशस्त किया है और जिसे उन्होंने अपने अंतिम समय में भी दोहराया था, वह है: ‘अप्प दीपो भव’ (Appo Deepo Bhava)। इसका अर्थ है: अपना दीपक स्वयं बनो। क्या आप जानते हैं, यह विचार क्रांतिकारी क्यों है? दरअसल बुद्ध ने सिखाया कि किसी बाहरी शक्ति, अंधविश्वास या दूसरे व्यक्ति पर निर्भर रहने के बजाय, मनुष्य को अपने विवेक और ज्ञान के प्रकाश में स्वयं का मार्ग खोजना चाहिए।

गौतम बुद्ध की जयंती, जिसे बुद्ध पूर्णिमा या ‘वेसाक’ भी कहते हैं, हर साल वैशाख पूर्णिमा को मनाई जाती है, जो साल 2026 में शुक्रवार 1 मई को पड़ रही है। इस मौके पर आइए जानते हैं, ‘अप्प दीपो भव’ की तरह महात्मा बुद्ध के 10 ऐसे ही महान विचार जो धम्मपद और त्रिपिटक जैसे प्राचीन बौद्ध ग्रंथों से लिए गए हैं और जिन्होंने सदियों से समाज को एक नई दिशा दी है।

---विज्ञापन---

गौतम बुद्ध के 10 अनमोल विचार

स्वयं का उद्धारकर्ता बनें

कोई और हमें नहीं बचा सकता, हमें खुद ही उस पथ पर चलना होगा। — यह उपदेश हमें अपनी मुक्ति का दायित्व स्वयं उठाने की प्रेरणा देता है।

विचारों की शक्ति

हम वही हैं जो हम सोचते हैं। हमारी वर्तमान स्थिति हमारे पिछले विचारों का ही परिणाम है। — यह सूत्र बताता है कि हमारी सोच ही हमारे जीवन की दशा और दिशा तय करती है।

---विज्ञापन---

क्रोध का शमन

क्रोध को अ-क्रोध (प्रेम) से जीतें, बुराई को भलाई से जीतें। — यह विचार प्रतिशोध के चक्र को तोड़कर करुणा और क्षमा को अपनाने का मार्ग दिखाता है।

यह भी पढे: Grah Dosh Upay: घर में चीजों के बार-बार टूटने की वजह हैं ये 3 ग्रह, जानें बचने के प्रभावशाली ज्योतिष उपाय

---विज्ञापन---

प्रेम का शाश्वत नियम

घृणा कभी घृणा से शांत नहीं होती, बल्कि प्रेम से होती है। यही शाश्वत नियम है। — यह वचन बताता है कि किसी भी वैमनस्य का स्थायी समाधान सिर्फ प्रेम में ही निहित है।

स्वयं पर विजय

युद्ध में हजारों पर विजय पाने से बेहतर है कि आप स्वयं पर विजय प्राप्त करें। — यह उपदेश बाहरी सफलता से अधिक आत्म-अनुशासन और आंतरिक विजय के महत्व को रेखांकित करता है।

---विज्ञापन---

वर्तमान में जीना

अतीत में मत उलझो, भविष्य के सपने मत देखो, अपना ध्यान वर्तमान क्षण पर केंद्रित करो। — यह शिक्षा मानसिक तनाव से मुक्त होकर वर्तमान को भरपूर जीने का व्यावहारिक सूत्र है।

शांति का स्रोत

शांति भीतर से आती है, इसे बाहर मत खोजो। — यह विचार सिखाता है कि बाहरी वस्तुओं की दौड़ छोड़कर आत्म-अवलोकन से ही सच्ची शांति मिलती है।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: Ayodhya Ram Mandir: रामलला दरबार के ‘ईशान कोण’ में ही क्यों फहराया गया शिव मंदिर का ध्वज, पूरा हुआ पंचदेवों का शृंगार

तर्क और विवेक को तरजीह

किसी बात पर केवल इसलिए विश्वास मत करो क्योंकि वह प्राचीन परंपरा है या धर्मग्रंथ में लिखी है। उसे तब मानो जब वह तर्कसंगत हो और सबका भला करे। — यह संदेश अंध-अनुकरण के बजाय तर्कबुद्धि और सार्वजनिक हित को कसौटी बनाने की प्रेरणा देता है।

---विज्ञापन---

दुख का मूल कारण

दुख का मूल कारण आसक्ति (Attachment) है। — यह विचार बताता है कि मोह और चिपकाव ही जीवन की समस्त पीड़ा का केंद्र हैं।

पवित्र मन का अमोघ फल

यदि कोई शुद्ध मन से बोलता या कार्य करता है, तो सुख उसका पीछा वैसे ही करता है जैसे छाया कभी साथ नहीं छोड़ती। — यह वचन आश्वस्त करता है कि निष्कलंक आचरण ही स्थायी सुख और शांति का मार्ग है।

---विज्ञापन---

आपको बता दें कि आधुनिक मनोविज्ञान और कॉर्पोरेट जगत भी आज इन सूत्रों को मानसिक स्वास्थ्य और उत्पादकता के लिए तेजी से अपना रहे हैं। इन कालजयी शिक्षाओं की प्रासंगिकता हर युग में बनी रहेगी।

यह भी पढ़ें: Wisdom Tooth: ‘अक्ल के दांत’ का आना है अहम संकेत, जानें क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Apr 30, 2026 04:31 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola