---विज्ञापन---

Religion angle-right

Adhik Maas Durga Ashtami 2026: आज है अधिक मासिक दुर्गाष्टमी, जरूर करें दुर्गा चालीसा का पाठ, यहां पढ़ें लिरिक्स

Adhik Maas Durga Ashtami 2026: आज अधिक मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है. अधिकमास शुक्ल पक्ष अष्टमी पर आज अधिकमास की दुर्गाष्टमी है. मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए आप दुर्गा चालीसा का पाठ अवश्य करें.

---विज्ञापन---

Adhik Maas Durga Ashtami 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का पर्व मनाया जाता है. यह दिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए खास होता है. अब अधिकमास में पड़ने वाली शुक्ल पक्ष अष्टमी को अधिकमास का मासिक दुर्गाष्टमी व्रत होगा. अधिकमास में मासिक दुर्गाष्टमी आज यानी 23 मई को मनाई जा रही है. अधिकमास में दुर्गाष्टमी के दिन जीवन में सुख-समृद्धि की कामना और बाधाओं को दूर करने के लिए मां दुर्गा चालीसा का पाठ करें. आप यहां दुर्गा चालीसा के लिरिक्स पढ़ सकते हैं.

श्री दुर्गा चालीसा (Shri Durga Chalisa Lyrics)

दोहा

---विज्ञापन---

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

ये भी पढ़ें – Mahalaxmi Chalisa: धन प्राप्ति के लिए करें महालक्ष्मी चालीसा का पाठ, दरिद्रता और दुर्भाग्य से मिलेगा छुटकारा

---विज्ञापन---

चौपाई

नमो नमो दुर्गे सुख करनी.
नमो नमो अंबे दुःख हरनी..

---विज्ञापन---

निरंकार है ज्योति तुम्हारी.
तिहूं लोक फैली उजियारी..

शशि ललाट मुख महाविशाला.
नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥

---विज्ञापन---

रूप मातु को अधिक सुहावे.
दरश करत जन अति सुख पावे॥.

तुम संसार शक्ति लै कीना.
पालन हेतु अन्न धन दीना..

---विज्ञापन---

अन्नपूर्णा हुई जग पाला.
तुम ही आदि सुन्दरी बाला..

प्रलयकाल सब नाशन हारी.
तुम गौरी शिवशंकर प्यारी..

---विज्ञापन---

शिव योगी तुम्हरे गुण गावें.
ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥

रूप सरस्वती को तुम धारा.
दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा..

---विज्ञापन---

धरयो रूप नरसिंह को अम्बा.
परगट भई फाड़कर खम्बा..

रक्षा करि प्रह्लाद बचायो.
हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥

---विज्ञापन---

लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं.
श्री नारायण अंग समाहीं॥

क्षीरसिन्धु में करत विलासा.
दयासिन्धु दीजै मन आसा..

---विज्ञापन---

हिंगलाज में तुम्हीं भवानी.
महिमा अमित न जात बखानी॥

मातंगी धूमावति माता.
भुवनेश्वरी बगला सुख दाता..

---विज्ञापन---

श्री भैरवी तारा जग तारिणी.
छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥

केहरि वाहन सोहे भवानी.
लांगुर वीर चलत अगवानी..

---विज्ञापन---

कर में खप्पर खड्ग विराजै.
जाको देख काल डर भाजै..

सोहै अस्त्र और त्रिशूला.
जाते उठत शत्रु हिय शूला.

ये भी पढ़ें – Nautapa 2026: नौतपा में ग्रहों की हलचल से इन 4 राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ, आर्थिक लाभ होना पक्का

नगरकोट में तुम्हीं विराजत.
तिहुंलोक में डंका बाजत॥

शुंभ निशुंभ दानव तुम मारे.
रक्तबीज शंखन संहारे॥

महिषासुर नृप अति अभिमानी.
जेहि अघ भार मही अकुलानी॥

रूप कराल कालिका धारा.
सेन सहित तुम तिहि संहारा.

परी गाढ़ संतन पर जब जब.
भई सहाय मातु तुम तब तब॥

अमरपुरी अरु बासव लोका.
तव महिमा सब रहें अशोका॥

ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी.
तुम्हें सदा पूजें नर-नारी.

प्रेम भक्ति से जो यश गावें.
दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें..

ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई.
जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई..

जोगी सुर मुनि कहत पुकारी.
योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥

शंकर आचारज तप कीनो.
काम क्रोध जीति सब लीनो..

निशिदिन ध्यान धरो शंकर को.
काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥

शक्ति रूप का मरम न पायो.
शक्ति गई तब मन पछितायो॥

शरणागत हुई कीर्ति बखानी.
जय जय जय जगदम्ब भवानी..

भई प्रसन्न आदि जगदम्बा.
दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥

मोको मातु कष्ट अति घेरो.
तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥.

आशा तृष्णा निपट सतावें.
मोह मदादिक सब बिनसावें॥.

शत्रु नाश कीजै महारानी.
सुमिरौं एक चित तुम्हें भवानी..

करो कृपा हे मातु दयाला.
ऋद्धि-सिद्धि दै करहु निहाला.

जब लगि जिऊं दया फल पाऊं.
तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं..

दुर्गा चालीसा जो कोई गावै.
सब सुख भोग परमपद पावै..

देवीदास शरण निज जानी.
करहु कृपा जगदम्ब भवानी॥.

दोहा

शरणागत रक्षा कर, भक्त रहे निःशंक .
मैं आया तेरी शरण में, मातु लीजिए अंक.

ये भी पढ़ें – Financial Loss Reasons: कुंडली में धनयोग के बाद भी क्यों होती है पैसों की कमी? जानिए इसके पीछे की वजह

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: May 23, 2026 08:37 AM

End of Article

About the Author

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. धर्म-ज्योतिष में अमन अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लिखते हैं. अमन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ भीम राव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया है. अमन पिछले 5 सालों से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं. अमन ने अपने करियर की शुरुआत जी मीडिया डीएनए हिंदी से की थी. डीएनए हिंदी में ट्रेनी जर्नलिस्ट के तौर पर जुड़ें. इसके बाद डीएनए हिंदी में सब-एडिटर के पद पर काम किया. यहां धर्म और ज्योतिष की बीट पर काम किया. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola