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Wisdom Tooth: ‘अक्ल के दांत’ का आना है अहम संकेत, जानें क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र

Wisdom Tooth: विजडम टूथ यानी अक्ल के दांत का आना सिर्फ शारीरिक बदलाव नहीं, बल्कि परिपक्वता और बुद्धि का संकेत माना जाता है। आइए सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जानते हैं कि अक्ल के दांत का आना क्या संकेत देता है?

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Wisdom Tooth: क्या आपके अक्ल के दांत या अकल दाढ़ निकल चुके हैं? अगर हां, तो आपको बधाई। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, यह सिर्फ एक शारीरिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह आपकी परिपक्वता, बुद्धि और भाग्य में बढ़ोतरी का प्रतीक है। कहा जाता है कि जिनके चारों अकल दाढ़ें समय पर और सही आती हैं, वे जीवन में राजसी सुख भोगते हैं। जानिए कैसे आपके अकल दांत आपकी किस्मत के बारे में बहुत कुछ बयां करते हैं?

क्यों खास है अक्ल का दांत?

सामुद्रिक शास्त्र में अक्ल दाढ़ को ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। ये चार दांत हमारे मुंह में सबसे पीछे आते हैं, आमतौर पर 18 से 25 साल की उम्र के बीच। इनके आने का मतलब है कि व्यक्ति अब मानसिक रूप से परिपक्व हो रहा है, सही और गलत का फर्क समझने लगा है। ज्योतिष की मानें तो इनका सीधा संबंध शनि ग्रह से है – जो संयम, जिम्मेदारी और अनुशासन का कारक है।

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4 अकल दांत सहित 32 दांत

शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति के कुल 32 दांत पूरे हों और उनमें चारों अकल दाढ़ें सही से निकली हों, वह अत्यंत भाग्यशाली होता है। ऐसे लोग बुद्धि के बल पर जीवन में ऊंचा मुकाम पाते हैं, धन-धान्य में कोई कमी नहीं रहती, और समाज में उनकी प्रतिष्ठा बनी रहती है। यदि अकल दाढ़ें तो हैं, लेकिन मुंह में कुल 32 दांत नहीं हैं (मतलब कोई दांत टूटा या गायब है), तो उसका प्रभाव कमजोर हो जाता है।

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बिना अकल दाढ़ के भी 32 दांत

एक दिलचस्प बात यह है कि कई लोगों के बिना अकल दाढ़ निकले ही 32 दांत हो जाते हैं (जैसे कोई अतिरिक्त दांत या दाढ़ बिना निकले ही पूरे 32 हो जाएं)। सामुद्रिक शास्त्र इसे कम शुभ मानता है। असली सौभाग्य और राजसी सुख उसी को मिलता है जिसे 4 अकल दांतों सहित पूरे 32 दांत हों। यानी अकल दांत का आना जरूरी है।

मायने रखती है अकल दांत की दिशा

यह बात बहुत कम लोग जानते हैं, सामुद्रिक शास्त्र के गहरे अध्ययन के अनुसार, जिस व्यक्ति की ऊपरी जबड़े की दोनों अकल दाढ़ें सीधी और बिना दर्द के निकलती हैं, वह शीघ्र ही अपने करियर में बड़ी छलांग लगाता है। वहीं, नीचे की अकल दाढ़ें धन और संपत्ति से जुड़ी मानी जाती हैं। यदि चारों दाढ़ें बिना किसी जटिलता के आ जाएं, तो समझ लीजिए कि ब्रह्मांड आपका साथ दे रहा है। बस इन दांतों की साफ-सफाई का ध्यान रखें, क्योंकि मजबूत दांत ही मजबूत भाग्य देते हैं।

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अकल दांत का दर्द एक ज्योतिषीय संकेत

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि अक्ल के दांत निकलते समय अत्यधिक दर्द, सूजन या संक्रमण हो, तो इसे शास्त्र शुभ नहीं मानता है। ऐसी स्थिति में यह ज्योतिषीय दृष्टि से आपके जीवन में किसी रुकावट या परेशानी का संकेत हो सकता है। दांत टेढ़ा निकलना या अंदर ही रह जाना भी अशुभ माना जाता है। ऐसे में डेंटिस्ट से जांच जरूर कराएं, साथ ही शनि को प्रसन्न करने के उपाय करें।

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साफ-मजबूत दांत ही देते हैं पूरा लाभ

मात्र दांतों की संख्या से काम नहीं चलता। यदि दांत बिखरे, टेढ़े, पीले या कमजोर हों, तो शुभ प्रभाव आधा रह जाता है। साफ, चमकदार और घने दांत ही पूरा लाभ देते हैं। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, ऐसे लोग अपने आसपास सकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं और उनकी वाणी में मिठास होती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामुद्रिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Apr 30, 2026 03:41 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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