Lakhisarai Ashok Dham Mandir: बिहार के लखीसराय जिले में स्थित अशोक धाम मंदिर में सावन सोमवार के दिन भगदड़ के कारण अनहोनी हुई है. इस घटना में कई लोगों की जान गई है और कई श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर है. यह अशोक धाम मंदिर पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है. लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है. आइये इस मंदिर के बारे में विस्तार से जानते हैं.
अशोक धाम मंदिर में किस देवता ही होती है पूजा (Ashok Dham Mandir)
अशोक धाम मंदिर में महादेव की पूजा-अर्चना की जाती है. यहां पर भगवान शिव का प्राचीन शिवलिंग इंद्रदमनेश्वर महादेव के रूप में विराजमान हैं. सावन महीने में और सोमवार के दिन यहां भक्तों की खूब भीड़ देखने को मिलती है. भगवान भोलेनाथ को समर्पित यह मंदिर शिव भक्तों के बीच आस्था का केंद्र बना हुआ है.
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विशालकाय शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है मंदिर
लखीसराय का अशोक धाम मंदिर विशालकाय शिवलिंग और अपनी भव्यता और सुंदरता के लिए काफी प्रसिद्ध है. यहां मौजूद महादेव को श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव के नाम से जानते हैं. इस मंदिर परिसर में माता पार्वती, नंदी और दुर्गा जी के मंदिर भी बने हुए हैं. मंदिर को लेकर मान्यता है कि, यहां पर शिवलिंग की स्थापना भगवान श्रीराम ने की थी, लेकिन कालांतर में यह मंदिर भूमिगत हो गया था. हजारों सालों बाद शिवलिंग को देखे जाने के मंदिर का पुननिर्माण किया गया.
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कैसे पड़ा अशोक धाम मंदिर नाम?
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहां पर अशोक नाम के एक युवक ने जमीन के नीचे से विशालकाय शिवलिंग की खोज की थी. इसके बाद मंदिर का पुननिर्माण किया गया. अशोक नाम के युवक द्वारा शिवलिंग को देखे जाने के कारण ही इस मंदिर का नाम अशोक धाम मंदिर रखा गया. शिव भक्तों के बीच यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है. इस मंदिर को कई लोग बिहार का दूसरा वैद्यनाथ धाम भी मानते हैं.
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