प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने सार्वजनिक सेवा काल के 25 साल पूरे किए है. इस मौके पर आज देशभर में भाजपा के कार्यक्रम हो रहे हैं. भाजपा महीना भर ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएगी, जो प्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर को शुरू हुआ था. इसके तहत ही आज दिल्ली BJP ने इंदिरा गांधी स्टेडियम कॉम्प्लेक्स के पास ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम किया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित किया. इस दौरान देशभर में भाजपा कार्यकर्ता उनसे लाइव कनेक्ट हुए और उनका संदेश सुना. जिसमें PM मोदी ने 25 साल तक देश की सेवा करने का मौका देने के लिए समर्थकों का आभार जताया.
PM मोदी ने श्री विनायक मंदिर में की पूजा-अर्चना
आज सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की. देश के 140 करोड़ लोगों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की और देश सेवा करने का संकल्प दोहराया. NDA के कई नेताओं ने आज प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी है. वहीं आज देशभर में रक्तदान शिविर, स्वच्छता कार्यक्रम, प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक आयोजन और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. अलग-अलग राज्यों में मशाल मार्च, बाइक और साइकिल रैलियां निकाली जा रही हैं. आज एक बाइक रैली तिरुपति से वाराणसी पहुंची, जिसका रास्ते में जगह-जगह शानदार स्वागत किया गया था.
1. प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में आयोजित ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम में देश और भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब मैंने कल्पना भी नहीं की थी कि यह शुरुआत मील का पत्थर साबित होगी. आज मैंने हेड ऑफ गवर्नमेंट के रूप में 25 साल पूरे कर लिए हैं. यह जनता के आशीर्वाद से संभव हुआ और इसके लिए मैं देश की जनता के समक्ष नतमस्तक हूं.
2. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनता ने हमेशा अपनी सेवा के लिए मुझे चुना है. आज मैं भारत के लोकतंत्र और उसके संविधान को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में भाग लेने वालों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं. आज सुबह मैंने श्री विनायक मंदिर में प्रार्थना की. मैंने सर्वशक्तिमान से देश के लिए, 140 करोड़ लोगों के लिए और अपने लिए भी प्रार्थना की. मेरी प्रार्थना है कि ईश्वर मुझे अपने देश के लिए और ज्यादा ऊर्जा के साथ काम करने की शक्ति और क्षमता प्रदान करें.
3. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज मैं जहां हूं, उसमें देश की जनता का सबसे बड़ा योगदान रहा. इसलिए देशवासियों का मुझ पर सबसे ज्यादा हक है. 25 साल की पूंजी सबसे बड़ी पूंजी होती है, लेकिन मैं आज भी खुद को एक स्टूडेंट मानता हूं और ईश्वर से प्रार्थना है कि मेरी सीखने की ललक कभी खत्म न हो. आलोचकों ने मुझे अपने अंदर झांकना सिखाया. जिन्होंने मुझे गिराया, उन्होंने ही मुझे उठाया. जीवन की हर घटना ने मुझे सिखाया. रूस में आए भूकंप ने मुझे संकट से जूझना सिखाया.
4. प्रधानमंत्री मोदी ने आज ‘हम इसे करके दिखाएंगे’ का संकल्प लिया और देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का वादा भी किया. उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाकर दिखाएंगे! आत्मनिर्भर भारत! वैश्विक विनिर्माण केंद्र! ओलंपिक की मेजबानी! अंतरिक्ष में कदम! ऊर्जा और आत्मविश्वास अविश्वसनीय है. मैं एक ऐसा व्यक्ति रहा हूं, जिसने अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के लिए नहीं, बल्कि एक मिशन के लिए अपना जीवन समर्पित किया है. एम्बिशन नहीं मिशन के लिए जीता हूं.
5. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देशसेवा करने की 25 वर्षों की यात्रा को लोग उपलब्धि मानते हैं. लेकिन मैं इसे कैसे देखता हूं? मेरे लिए यह व्यक्तिगत गौरव का विषय नहीं है, न ही यह इसका अवसर है. 25 साल पहले 50 वर्ष की आयु में मैंने अपना समय जंगलों में आदिवासी समुदायों की सेवा करने और पहाड़ों के बीच रहने में बिताया. फिर भारतीय जनता पार्टी के भीतर संगठनात्मक कार्य का मार्ग चुना. मेरा राजनीतिक रिकॉर्ड केवल संगठनात्मक कार्यकर्ता के रूप में ही दर्ज था.
6. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं चुनावों में शामिल था, फिर भी मैंने कभी स्वयं चुनाव नहीं लड़ा. यदि मैं चुनावी राजनीति में चमकना चाहता तो मैं बहुत पहले ही मैदान में उतर सकता था, लेकिन यह मेरा स्वभाव नहीं था. मैंने कभी यह भी नहीं सोचा कि मैं जीवन में क्या बनूंगा या मेरा भविष्य क्या होगा. ऐसा इसलिए था क्योंकि बचपन से ही मुझे जो परवरिश और मूल्य सिखाए गए थे, उन्होंने मुझे व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक मिशन के लिए जीवन जीना सिखाया था.