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Apara Ekadashi 2026 Today: आज है अपरा एकादशी, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि, जरूर पढ़ें ये एकादशी व्रत कथा

Apara Ekadashi 2026 Today: आज यानी 13 मई 2026, दिन बुधवार को ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि है. आज अपरा एकादशी का व्रत है. अपरा एकादशी पर पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और व्रत की कथा के बारे में यहां पढ़ें.

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Edited By : Aman Maheshwari Updated: May 13, 2026 07:44
Apara Ekadashi 2026 Today
Photo Credit- News24GFX

Apara Ekadashi 2026 Today: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि पर अपरा एकादशी का व्रत है. अपरा एकादशी का दिन पापों से मुक्ति और पुण्य फलों की प्राप्ति के लिए खास होता है. आपको अपरा एकादशी पर व्रत और पूजा के साथ ही एकादशी की कथा का पाठ करना चाहिए. अपरा एकादशी पर पूजा के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और अपरा एकादशी व्रत कथा के बारे में जानते हैं.

अपरा एकादशी शुभ मुहूर्त (Apara Ekadashi Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त- सुबह में 04:08 से 04:50
प्रातः सन्ध्या- सुबह में 04:29 से 05:32
विजय मुहूर्त- दोपहर में 02:33 से 03:27
गोधूलि मुहूर्त- शाम 7:02 बजे से शाम 07:23
सायाह्न सन्ध्या- शाम 07:03 से रात 08:06
अमृत काल- शाम में 07:41 से 09:13

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अपरा एकादशी पूजा विधि (Apara Ekadashi Puja Vidhi)

अपरा एकादशी का व्रत करने के लिए भक्त सुबह उठकर स्नान कर साफ कपड़े पहन लें. इसके बाद विष्णु भगवान और मां लक्ष्मी का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें. घर के मंदिर की सफाई कर विष्णु भगवान की प्रतिमा स्थापित करें. भगवान को रोली, मौली, पीले फूल, फल और मिठाई अर्पित करें. भगवान के समक्ष दीपक जलाएं और मंत्रों का जाप करें. आरती करें और भगवान को भोग लगाकर पूजा संपन्न करें. अपरा एकादशी व्रत की पूजा के समय एकादशी की व्रत कथा का पाठ अवश्य करें.

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अपरा एकादशी व्रत कथा (Apara Ekadashi Vrat Katha)

युथिष्ठिर ने श्रीकृष्ण से सवाल किया कि, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी कौन सी होती है. इसके बारे में बताएं. इसपर श्रीकृष्ण ने बताया. ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष में की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है. यह एकादशी बहुत ही पुण्य प्रदान करने वाली है. इससे पापों का नाश होता है. अपरा एकादशी का व्रत विधि-विधान से करने से ब्रह्म हत्या, गोत्र की हत्या, गर्भस्थ बालक को मारने वाले, स्त्रीगमन, झूठी गवाही, असत्य भाषण, झूठा वेद पढ़ने के पापों से मुक्ति मिलती है. गुरु से विद्या लेने के बाद उनका अपमान करता है वह नरक में जाता है लेकिन अपरा एकादशी का व्रत करने से इस पाप से भी मुक्ति मिलती है. अपरा एकादशी के व्रत को करने से मनुष्य सद्गति प्राप्त कर लेते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: May 13, 2026 07:44 AM

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