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Chandra Darshan 2026: अधिक मास का चंद्र दर्शन भर देगा खाली तिजोरी, करें ये से असरदार उपाय

Chandra Darshan 2026: इस साल अधिक मास के पहले दिन अधिक चंद्र दर्शन का योग बन रहा है, जो 3 साल में एक बार आता है. यह एक बेहद शुभ संयोग माना गया है और मान्यता है कि इस दिन चंद्र पूजा और खास उपाय करने से धन संकट दूर होकर सौभाग्य बढ़ता है. जानिए, अधिक चंद्र दर्शन का शुभ मुहूर्त और असरदार उपाय क्या हैं.

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Chandra Darshan 2026: साल 2026 में अधिक मास या मलमास का संयोग बना है, जो 17 मई, 2026 से आरंभ है. चूंकि यह अधिक मास ज्येष्ठ माह में पड़ है, इसलिए यह इसी माह के नाम से जाना जाएगा यानी ज्येष्ठ अधिक मास. द्रिक पंचांग के अनुसार, इसके पहले दिन चंद्र दर्शन का योग बन रहा हैं, जिसे अधिक चंद्र दर्शन कहा जाता है. यह पूरे 3 साल में केवल एक ही बार आएगा, इसलिए बेहद खास महत्व रखता है.

धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस पावन माह के शुभ अधिक चंद्र दर्शन के अवसर पर चंद्रमा विशेष पूजा, आराधना और उपाय किये जाते हैं. इस दिन विशेष चंद्र दर्शन और उपाय करने से घर में सौभाग्य आता है, धन संकट दूर होते हैं और खाली तिजोरी भी भर जाती है. लेकिन आइए इससे पहले यह जान लेते हैं कि अधिक चंद्र दर्शन का शुभ मुहूर्त और समय क्या है?

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चंद्र दर्शन का शुभ मुहूर्त और समय

17 मई 2026 को दिन रविवार और तिथि अधिक मास ज्येष्ठ प्रतिपदा तिथि है. इस दिन चंद्र दर्शन का शुभ समय सूर्यास्त के बाद शाम में 07:06 बजे से 07:58 बजे तक तक हैं. चंद्र दर्शन की कुल अवधि केवल 52 मिनट है, जो चंद्रमा को देखने और पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ है.

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करें ये उपाय

कच्चे दूध और गंगाजल से अर्घ्य: यह एक बहुत असरदार ज्योतिष उपाय है. चंद्रमा को चांदी के पात्र में कच्चे दूध में थोड़ा गंगाजल मिलाकर सफेद फूल के साथ अर्घ्य देने से धन संकट समाप्त हो जाते हैं.

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महालक्ष्मी मंत्र का जाप: इस दिन शाम को ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्माकम् दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं नमः’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें. यह मां लक्ष्मी की कृपा को आपकी ओर मोड़ेगा.

तिजोरी में रखें अक्षत: शाम में चंद्रमा विधिवत पूजा के बाद तिजोरी में अक्षत (सफेद अरवा चावल) और हल्दी को एक लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन रखने की जगह पर रख दें. इससे घर-परिवार की बरकत बनी रहेगी.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: May 15, 2026 03:14 PM

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Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे वैदिक ज्योतिष (पाराशरीय), अंक ज्योतिष (न्यूमरोलॉजी) और सामुद्रिक शास्त्र के क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक सक्रिय ज्योतिषविद हैं। जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके।  धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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