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Religion

Aaj Ka Suvichar: इन 3 लोगों की संगत इंसान को कर देती है बर्बाद, दूर रहने में है अक्लमंदी

Aaj Ka Suvichar: यह सच है कि इंसान की संगत उसकी सोच, कर्म और भविष्य तीनों पर गहरा असर डालती है. इसी को लेकर चाणक्य नीति में कहा गया है कि 3 लोगों संगति जीवन को धीरे-धीरे बर्बादी की ओर ले जाती है. जानिए, किन 3 लोगों की संगत से हमेशा दूर रहना चाहिए?

Aaj Ka Suvichar: यह एक बहुत पुरानी कहावत है कि जैसी संगत, वैसी ही राह, वैसा ही कर्म और वैसा ही फल. आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में साफ कहा है कि कुछ लोगों का साथ इंसान को धीरे-धीरे नर्क में धकेल देता है. चाणक्य नीति के अनुसार, ऐसे लोगों से दूरी बनाने में ही भलाई है, क्योंकि हम जैसे लोगों के साथ रहते हैं, वैसे ही बन जाते हैं. आइए जानते हैं, i इस विचार में आचार्य चाणक्य की ये नीति जानते हैं कि वे 3 प्रकार के लोग कौन हैं, जिनकी संगत में रहना सबसे बड़ी मूर्खता है?

बुरे चरित्र वाले

जिन लोगों का चरित्र खराब हो, उनका साथ कभी फायदा नहीं देता. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि बुरे चरित्र वाले व्यक्ति से जितनी दूर रहो, उतना अच्छा. ये लोग अपनी गंदी आदतें दूसरों में भी फैलाते हैं और धीरे-धीरे आपकी साख को मिट्टी में मिला देते हैं.

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अकारण नुकसान पहुंचाने वाले

कुछ लोग बिना कोई वजह दूसरों को परेशान करते हैं. उन्हें दुख देने में मजा आता है. ऐसे निर्दयी स्वभाव के लोगों का साथ छोड़ने में देर न करें. आचार्य चाणक्य के अनुसार, ये आपकी खुशियां चुरा लेंगे और बाद में आपको ही दोषी ठहराएंगे.

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गंदी जगहों पर रहने वाले

जो लोग गंदे या संदिग्ध स्थानों पर रहते हैं, उनकी आदतें और सोच भी वैसी ही हो जाती है. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ऐसे लोगों से दोस्ती करना नर्क में वास करने जैसा है. ये न सिर्फ आपका समय बर्बाद करते हैं, बल्कि आपको भी गलत राह पर ले जाते हैं.

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दोस्ती से पहले परख लो

आचार्य चाणक्य की एक और सीख यह है कि किसी से दोस्ती करने से पहले उसे अच्छी तरह परख लो. अगर उसमें कोई दोष है, तो रिश्ता आगे न बढ़ाओ. वरना नुकसान से बचना मुश्किल हो जाता है. एक दिन में कोई अपना नहीं बनता, और न ही कोई दुश्मन. सच्ची पहचान में समय लगता है.

अक्लमंदी यही है

होशमंद वही है जो समय रहते इन तीनों तरह के लोगों से अपना पल्ला झाड़ ले. हो सकता है वो बुरा मानें, रोएं-चिल्लाएं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी. आचार्य चाणक्य की ये बातें आज भी बिल्कुल सच हैं- ‘तुम्हारा उठना-बैठना ही तुम्हें बताता है कि तुम कैसे हो. सोच-समझकर संगत करो.’ इसलिए बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि आपकी संगत ही आपकी पहचान है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: May 14, 2026 11:58 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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