यहां मरना भी हुआ महंगा! कब्रिस्तान में जमीन नहीं मिली तो फ्लैटों में 'मुर्दे' रखने लगे लोग
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन इस समय एक अनोखे और संवेदनशील संकट से जूझ रहा है. यहां अंतिम संस्कार के लिए जमीन की कमी और कब्रिस्तान में जगह की आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है. आलम यह है कि शंघाई जैसे शहरों में कब्रिस्तान की जमीन की कीमत रिहायशी घरों से कई गुना ज्यादा हो गई है. ऐसे में मजबूर होकर कई परिवारों ने छोटे फ्लैट खरीदकर उन्हें मुर्दें रखने की जगह में तब्दील करना शुरू कर दिया. हालांकि, पड़ोसियों की शिकायतों और परंपराओं के उल्लंघन को देखते हुए अब चीनी अधिकारियों ने रिहायशी संपत्तियों में मुर्दें रखने पर सख्त पाबंदी लगा दी है.

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन इस समय एक अनोखे और संवेदनशील संकट से जूझ रहा है. यहां अंतिम संस्कार के लिए जमीन की कमी और कब्रिस्तान में जगह की आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है. आलम यह है कि शंघाई जैसे शहरों में कब्रिस्तान की जमीन की कीमत रिहायशी घरों से कई गुना ज्यादा हो गई है. ऐसे में मजबूर होकर कई परिवारों ने छोटे फ्लैट खरीदकर उन्हें मुर्दें रखने की जगह में तब्दील करना शुरू कर दिया. हालांकि, पड़ोसियों की शिकायतों और परंपराओं के उल्लंघन को देखते हुए अब चीनी अधिकारियों ने रिहायशी संपत्तियों में मुर्दें रखने पर सख्त पाबंदी लगा दी है. (AI Image)
महंगी विदाई
2 / 7चीन में तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी और जमीन की कमी ने कब्रिस्तानों को 'गोल्ड माइन' बना दिया है. यहां एक वर्ग मीटर जमीन की कीमत शहर के औसत लग्जरी फ्लैट से भी अधिक हो गई है.
लाखों में कीमत
3 / 7शंघाई के सोंगहे कब्रिस्तान में एक प्लॉट की कीमत लगभग 7.6 लाख युआन (भारतीय रुपयों में करीब 88 लाख) प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच गई है, जबकि वहां रहने का औसत खर्च काफी कम है.
फ्लैट बने 'कब्रिस्तान'
4 / 7ऊंचे खर्चों से बचने के लिए परिवारों ने अपार्टमेंट खरीदना शुरू कर दिया. कब्रिस्तान में जहां 20 साल का अधिकार मिलता है, वहीं घर 70 साल के लिए मिलता है, जिसे लोग ज्यादा सुरक्षित विकल्प मान रहे थे.
टियांजिन का विवाद
5 / 7टियांजिन शहर में तो पूरी की पूरी इमारतों को ही हजारों अस्थियां रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा. अधिकारियों ने बाद में इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए सुधार के आदेश दिए.
पड़ोसियों की परेशानी
6 / 7किंगमिंग फेस्टिवल जैसे त्योहारों पर जब लोग इन फ्लैटों में आकर अगरबत्ती जलाते और अनुष्ठान करते, तो पास रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.
नया कानून
7 / 730 मार्च से चीन में नए नियम लागू हो गए हैं. अब रिहायशी घरों में अस्थियां रखना गैरकानूनी है. हालांकि, इंटरनेट पर बहस छिड़ी है कि असली समस्या नियमों की नहीं, बल्कि कब्रिस्तान की लूट की है.



















