8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) इन दिनों सबसे चर्चा का विषय बना हुआ है. आयोग लगातार देश के अलग-अलग शहरों में बैठकें कर कर्मचारियों और पेंशनर्स के प्रतिनिधियों के साथ राय-मशविरा कर रहा है.
फिटमेंट फैक्टर, पेंशन सुधार पर चर्चा

2 / 6
जुलाई में कोलकाता और भुवनेश्वर के बाद अब अगस्त और सितंबर में दिल्ली, चेन्नई और पुडुचेरी में अहम बैठकें होने जा रही हैं. इन बैठकों में फिटमेंट फैक्टर, पेंशन सुधार और सबसे महत्वपूर्ण, वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) बढ़ाने पर गंभीर चर्चा हो रही है. अगर 8वां वेतन आयोग सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 5% करने की सिफारिश करता है, तो कर्मचारियों की जेब पर इसका कितना बड़ा और सकारात्मक असर पड़ेगा? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं.
अभी कितना मिलता है इंक्रीमेंट और क्या है कर्मचारियों की मांग?

3 / 6
फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को उनके बेसिक पे (Basic Salary) पर 3% का एनुअल इंक्रीमेंट मिलता है. कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इस इंक्रीमेंट रेट को बढ़ाकर 5% से 7% किया जाए. उनका तर्क है कि महंगाई के दौर में अगर सालाना वृद्धि ज्यादा होगी, तो लंबी अवधि में कर्मचारियों की बेसिक सैलरी काफी बेहतर हो जाएगी, जिसका फायदा आगे चलकर फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर भी मिलेगा.
5% इंक्रीमेंट से कितना होगा फायदा?

4 / 6
आइए इसे लेवल 1 के एक कर्मचारी के उदाहरण से समझते हैं, जिसकी शुरुआती बेसिक सैलरी 18000 रुपये प्रति माह है. 5 साल बाद कर्मचारी की बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 20900 रुपये प्रति माह होगी. वही बेसिक सैलरी 5 साल बाद बढ़कर लगभग 24200 रुपये प्रति माह हो जाएगी. सिर्फ इंक्रीमेंट रेट 2% बढ़ने से 5 सालों में बेसिक सैलरी में सीधे 3300 रुपये का अतिरिक्त अंतर आ जाएगा.
बेसिक सैलरी बढ़ने से और क्या-क्या फायदे होंगे?

5 / 6
सालाना इंक्रीमेंट बढ़ने से केवल टेक-होम सैलरी ही नहीं बढ़ती, बल्कि इससे जुड़े कई अन्य भत्ते और फायदे भी अपने आप बढ़ जाते हैं. डीए की गणना बेसिक पे के आधार पर होती है, इसलिए बेसिक ज्यादा तो डीए भी ज्यादा. एचआरए भी बेसिक सैलरी पर निर्भर करता है. नेशनल पेंशन सिस्टम में सरकार और कर्मचारी का योगदान बढ़ेगा. ग्रेच्युटी और पेंशन की रकम भी काफी बेहतर हो जाएगी.
कब तक आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

6 / 6
3 नवंबर 2025 को न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 8वें वेतन आयोग का गठन किया गया था. आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. आयोग की अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 तक आने की संभावना है. रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद केंद्र सरकार इस पर अंतिम मुहर लगाएगी.