अंग्रेजों द्वारा बसाए गए इस खूबसूरत भारतीय शहर में एंट्री नहीं ले सकते विदेशी नागरिक! नजारा देख हो जाएंगे दीवाने
Chakrata No Entry For foreigners Tourist: क्या आप जानते हैं भारत में एक हिल स्टेशन ऐसा है, जिसे बसाया तो अंग्रेजों ने था, लेकिन आज यहां किसी भी विदेशी नागरिक को एंट्री नहीं मिलती है. आइए जानते हैं इस खूबसूरत शहर के बारे में.
Written By: Azhar Naim|Updated: May 20, 2026 18:14
Edited By : Azhar Naim|Updated: May 20, 2026 18:14
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भारत के इस हिल स्टेशन पर सिर्फ भारतीय को मिलती है एंट्री. (Image: AI)
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India ki City Jisme foreigners Ko Nhi Milti Entry: भारत के सबसे शांत और खूबसूरत पहाड़ी इलाकों की जब भी बात होती है, तो देवभूमि उत्तराखंड की हसीन वादियों का नाम जुबां पर सबसे पहले आता है. इसी राज्य में पहाड़ों और घने जंगलों के बीच एक ऐसा छिपा हुआ अनमोल रत्न बसा है, जिसे लोग 'चकराता' के नाम से जानते हैं. आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में अगर आप प्रदूषण से कोसों दूर किसी ऐसी शांत जगह पर छुट्टियां बिताना चाहते हैं जहां सैलानियों की भारी भीड़ न हो, तो यह जगह आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. हरे-भरे देवदार के ऊंचे पेड़ों, बहते झरनों और ठंडी ताजी हवाओं के बीच घिरा चकराता हर किसी का दिल को सुकून और ताजगी से भर देता है.
आपको शायद जानकारी न हो लेकिन, चकराता का इतिहास बेहद दिलचस्प और औपनिवेशिक दौर से जुड़ा हुआ है. इस खूबसूरत पहाड़ी नगर को साल 1866 में ब्रिटिश शासकों द्वारा खोजा और बसाया गया था. उस जमाने में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बड़े अधिकारी और गोरे सैनिक गर्मियों की तपिश से बचने और अपनी छुट्टियां बिताने के लिए इस खूबसूरत शांत इलाके में आया करते थे. अंग्रेजों ने यहां रहने और प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठाने के लिए कई आलीशान रिजॉर्ट और बंगले भी बनवाए थे.
आखिर क्यों विदेशी नागरिकों के आने पर लगी है पूरी तरह रोक?
इस हिल स्टेशन की सबसे अनोखी और हैरान कर देने वाली बात यह है कि यहां किसी भी विदेशी नागरिक (Foreigner) को आने की इजाजत नहीं है. भले ही इसे अंग्रेजों ने बसाया हो, लेकिन आज की तारीख में सुरक्षा कारणों के चलते सरकार ने फॉरेन टूरिस्ट्स के आने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है. दरअसल, चकराता भारतीय सेना (Indian Army) का एक बेहद महत्वपूर्ण कैंटोनमेंट एरिया और संवेदनशील मिलिट्री बेस है. यहां जाने वाले रास्तों पर सुरक्षाबलों द्वारा सख्त बैरिकेडिंग की जाती है और सिर्फ वैध भारतीय पहचान पत्र (ID) देखने के बाद ही अंदर जाने की मंजूरी मिलती है. बिना विशेष सरकारी अनुमति के कोई भी विदेशी टूरिस्ट यहां कदम नहीं रख सकता.
यहां क्या है घूमने लायक?
भारतीय नागरिकों के लिए यह जगह घूमने और अपनी लाइफस्टाइल को रीचार्ज करने का सबसे बेहतरीन जगह है. चकराता के पास स्थित 'टाइगर फॉल' भारत के सबसे ऊंचे और खूबसूरत झरनों में गिना जाता है, जहां पानी की बौछारें अंदर की थकान को दूर कर देता है. इसके अलावा, अगर आप प्रकृति के बीच से जादुई सूर्यास्त (Sunset) देखना चाहते हैं, तो चकराता से महज कुछ किलोमीटर दूर 'चिरमिरी' जाना बिल्कुल न भूलें, जहां शाम का नजारा बेहद दिलकश होता है. वहीं, 'देववन' की पहाड़ियों से बर्फ से ढके विशाल हिमालय के दर्शन होते हैं, जहां शांति से बैठकर आप अपनी जिंदगी के सबसे यादगार पल बिता सकते हैं.
India ki City Jisme foreigners Ko Nhi Milti Entry: भारत के सबसे शांत और खूबसूरत पहाड़ी इलाकों की जब भी बात होती है, तो देवभूमि उत्तराखंड की हसीन वादियों का नाम जुबां पर सबसे पहले आता है. इसी राज्य में पहाड़ों और घने जंगलों के बीच एक ऐसा छिपा हुआ अनमोल रत्न बसा है, जिसे लोग ‘चकराता’ के नाम से जानते हैं. आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में अगर आप प्रदूषण से कोसों दूर किसी ऐसी शांत जगह पर छुट्टियां बिताना चाहते हैं जहां सैलानियों की भारी भीड़ न हो, तो यह जगह आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. हरे-भरे देवदार के ऊंचे पेड़ों, बहते झरनों और ठंडी ताजी हवाओं के बीच घिरा चकराता हर किसी का दिल को सुकून और ताजगी से भर देता है.
आपको शायद जानकारी न हो लेकिन, चकराता का इतिहास बेहद दिलचस्प और औपनिवेशिक दौर से जुड़ा हुआ है. इस खूबसूरत पहाड़ी नगर को साल 1866 में ब्रिटिश शासकों द्वारा खोजा और बसाया गया था. उस जमाने में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बड़े अधिकारी और गोरे सैनिक गर्मियों की तपिश से बचने और अपनी छुट्टियां बिताने के लिए इस खूबसूरत शांत इलाके में आया करते थे. अंग्रेजों ने यहां रहने और प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठाने के लिए कई आलीशान रिजॉर्ट और बंगले भी बनवाए थे.
आखिर क्यों विदेशी नागरिकों के आने पर लगी है पूरी तरह रोक?
इस हिल स्टेशन की सबसे अनोखी और हैरान कर देने वाली बात यह है कि यहां किसी भी विदेशी नागरिक (Foreigner) को आने की इजाजत नहीं है. भले ही इसे अंग्रेजों ने बसाया हो, लेकिन आज की तारीख में सुरक्षा कारणों के चलते सरकार ने फॉरेन टूरिस्ट्स के आने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है. दरअसल, चकराता भारतीय सेना (Indian Army) का एक बेहद महत्वपूर्ण कैंटोनमेंट एरिया और संवेदनशील मिलिट्री बेस है. यहां जाने वाले रास्तों पर सुरक्षाबलों द्वारा सख्त बैरिकेडिंग की जाती है और सिर्फ वैध भारतीय पहचान पत्र (ID) देखने के बाद ही अंदर जाने की मंजूरी मिलती है. बिना विशेष सरकारी अनुमति के कोई भी विदेशी टूरिस्ट यहां कदम नहीं रख सकता.
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यहां क्या है घूमने लायक?
भारतीय नागरिकों के लिए यह जगह घूमने और अपनी लाइफस्टाइल को रीचार्ज करने का सबसे बेहतरीन जगह है. चकराता के पास स्थित ‘टाइगर फॉल’ भारत के सबसे ऊंचे और खूबसूरत झरनों में गिना जाता है, जहां पानी की बौछारें अंदर की थकान को दूर कर देता है. इसके अलावा, अगर आप प्रकृति के बीच से जादुई सूर्यास्त (Sunset) देखना चाहते हैं, तो चकराता से महज कुछ किलोमीटर दूर ‘चिरमिरी’ जाना बिल्कुल न भूलें, जहां शाम का नजारा बेहद दिलकश होता है. वहीं, ‘देववन’ की पहाड़ियों से बर्फ से ढके विशाल हिमालय के दर्शन होते हैं, जहां शांति से बैठकर आप अपनी जिंदगी के सबसे यादगार पल बिता सकते हैं.