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पार्टनर के ये 5 रेड फ्लैग्स आपसे पहले पहचान लेते हैं आपके दोस्त, समय से सलाह सुनने पर बाद में नहीं पड़ेगा पछताना

Red Flags In A Relationship: रिलेशनशिप में ऐसे कुछ रेड फ्लैग्स हैं जिन्हें इग्नोर करना बड़ी गलती साबित हो सकता है. ये रेड फ्लैग्स आपके दोस्तों को पहले नजर आते हैं. ऐसे में दोस्तों की बातें पूरी तरह नकारने से बचना चाहिए.

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Relationship Red Flags: किसी के साथ रिश्ता शुरु करने पर या कहें रिलेशनशिप में आने पर शुरुआत में सबकुछ बेहद एक्साइटिंग लगता है. डेट्स पर जाना, एकदूसरे के बारे में जानना, पसंद और नापसंद से वाकिफ होना और एकदूसरे की जिंदगी का हिस्सा बनना बेहद नया सा लगता है. लेकिन, अक्सर ही प्यार के शुरुआती दिनों में हम ऐसे कुछ रेड फ्लैग्स को इग्नोर कर देते हैं जो हमसे पहले हमारे दोस्तों को नजर आने लगते हैं. हमारी आंखों पर प्यार का चश्मा लगा होता है जिससे पार्टनर के रेड फ्लैग्स (Red Flags In Partner) भी पिंक दिखने लगते हैं और हमें लगता है सबकुछ ठीक ही तो है, शायद यह दोस्त की ईर्ष्या है या वह हमारे पार्टनर को उस तरह नहीं जानता जिस तरह हम जानते हैं. यही कोंफिडेंस बाद में गलती साबित होता है. यहां ऐसे ही 5 रेड फ्लैग्स के बारे में बताया जा रहा है जो आपके पार्टनर में आपसे पहले आपके दोस्तों को दिखते हैं.

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आपको पार्टनर के ये 5 रेड फ्लैग्स दोस्तों को आते हैं नजर

रिलेशनशिप में रेड फ्लैग्स होने का मतलब है कि ऐसे संकेत जो बताते हैं कि शायद कुछ ठीक नहीं है, जैसे पार्टनर का व्यवहार, उसके काम, आपके लिए उसका एटिट्यूड, वो किस तरह की बातें करता या करती है या फिर कुछ ऐसा जो रिश्ते को खराब करने वाला हो सकता है. इन रेड फ्लैग्स को समय रहते ना पहचाना जाए तो बाद में दिक्कतें बढ़ जाती हैं और ब्रेकअप करना पड़ता है. लेकिन, ब्रेकअप के बाद पार्टनर के साथ बिताया समय और यादें मन को लंबे समय तक कचोटते हैं. ऐसे में रिलेशनशिप की शुरुआत में ही रेड फ्लैग्स पहचान लिए जाएं तो लंबे समय तक रिश्ता निभाने के बजाए इमोशनली अटैच होने से पहले ही रिश्ते से निकला जा सकता है. अक्सर ही दोस्तों को ये रेड फ्लैग्स आपसे पहले नजर आ सकते हैं –

कंट्रोलिंग बिहेवियर

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पार्टनर का कंट्रोलिंग बिहेवियर आपको शुरुआत में क्यूट लग सकता है. ऐसा लगता है कि पार्टनर थोड़ा पॉजेसिव है लेकिन बाद में पता चलता है कि यह कंट्रोलिंग बिहेवियर है जो अब पहले से कई ज्यादा बढ़ गया है. दोस्तों से मिलने से मना करना, आपके सोशल अकाउंट्स का पासवर्ड मांगना या आपको कुछ पहनने या कहीं आने-जाने से रोकना कंट्रोलिंग बिहेवियर का साइन है जिससे दोस्त आपको आगाह करने की कोशिश करते हैं.

गहरी बातों से बचना

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शुरुआत में पार्टनर का गहरी बातें करने से कतराना उसका पास्ट रिलेशनशिप का डर लग सकता है लेकिन आगे चलकर गहरी बातों की कमी रिलेशनशिप में दूरियों और इमोशनली कनेक्ट ना कर पाने की वजह बन सकता है. अगर आपका पार्टनर आपके लिए इमोशनली प्रजेंट नहीं है, अपने डर, आपकी मुश्किलों और फीलिंग्स को डिस्कस नहीं करता है तो यह रेड फ्लैग हो सकता है.

फ्यूचर की प्लानिंग ना करना

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रिलेशनशिप में होते हुए आने वाले भविष्य की बातें ना करना और इन बातों से कतराना रेड फ्लैग है. हम अपने दोस्तों को यह सब बताते हुए कह देते हैं कि हम दोनों अभी प्रजेंट पर फोकस कर रहे हैं या हम फ्लो के साथ चल रहे हैं. लेकिन, असल में अगर आप पार्टनर से इस बारे में बात करते हैं और पार्टनर के ना कहने पर यह अलग ही नरेटिव बनाते हैं तो आप एक बड़े रेड फ्लैग को इग्नोर कर रहे हैं. ऐसे में अगर दोस्त आपको सच से वाकिफ कराते हैं तो आपको उनकी बात सुन लेनी चाहिए.

पार्टनर आपको हमेशा क्रिटिसाइज करता है

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आपके दोस्तों के सामने अगर आपका पार्टनर आपकी बुराई करता है, आप पर हंसता है, हमेशा आपका मजाक उड़ाता है तो इस तरह के बिहेवियर को आपके दोस्त नोटिस कर लेते हैं. पार्टनर का हमेशा आपको कुछ नेगेटिव कहना, आपकी सफलता की सराहना ना करना या आपकी फीलिंग्स का मजाक उड़ाते रहना नॉर्मल नहीं है.

पार्टनर का हमेशा गुस्सा करना

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पार्टनर का गुस्सा करना उसकी पर्सनैलिटी को अच्छा नहीं बनाता है बल्कि यह एंगर मैनेजमेंट इशूज हो सकते हैं. हमेशा गुस्से में रहना, गुस्से में सामान उठाकर फेंकना, आप पर चिल्लाना या आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना रेड फ्लैग है. ये चीजें आप दोस्त से डिस्कस करेंगे तो वे आपको ऐसे पार्टनर को छोड़ देने की सलाह देंगे. लेकिन, अपने दोस्तों को ही बुरा कहना और पार्टनर की तरफदारी करते रहना सही अप्रोच नहीं है.

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First published on: Sep 18, 2026 02:04 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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