Hrithik Roshan Sister: एक्टर ऋतिक रोशन की बहन सुनैना रोशन (Sunaina Roshan) ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम हैंडल से वीडियो शेयर किया है और बताया है कि किस तरह उनकी एक गलती जानलेवा साबित होने वाली थी और किस तरह ऋतिक रोशन ने बहन के लिए रातभर मंदिर में प्रार्थना की थी. सुनैना ने बताया कि साल 2001 में उन्होंने क्रैश डाइट (Crash Diet) की ती. क्रैश डाइट के कारण तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ तो महीनों तक नहीं रुका. सुनैना ने वीडियो में बताया है कि किस तरह उनकी जान बच पाई थी.
यह भी पढे़ं - त्वचा पर दिखने वाले ये 2 निशान देते हैं डायबिटीज का संकेत, डॉक्टर ने कहा हाई इंसुलिन लेवल को पहचानें इस तरह
क्रैश डाइट से आई जान जाने की नौबत
सुनैना ने वीडियो में कहा, "साल 2001 में मुझे पैर पर चोट लगी थी और मैं बेडरिडन हो गई थी. मैंने फैसला लिया कि मैं क्रैश डाइट करुंगी ताकि मेरा वजन ना बढ़ जाए. इसीलिए मैं फल, जूस, पानी और बिस्किट ही लिया करती थी. मेरी इम्यूनिटी पूरी तरह क्रैश हो गई. मेरी एनर्जी बहुत कम रहने लगी और एक दिन मैंने कंट्रोल खो दिया. मुझे यह याद नहीं है लेकिन एक दिन में किचन में गई और गिलास उठाकर हर तरफ फेंकने लगी. मैं धूप नहीं सह पा रही थी इसलिए मेरा कमरा पूरी तरह से अंधकार में रहना चाहिए था. तब मेरे माता-पिता को एहसास हुआ कि कुछ बहुत ज्यादा गलत है. मुझे हॉस्पिटल लेकर जाया गया और अगले कुछ दिन मुझे पता ही नहीं चला मेरे साथ क्या हो रहा था."
शरीर को बीमारियों ने जकड़ लिया
क्रैश डाइट ने सुनैना की जिंदगी बदल दी थी. सुनैना ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "2-3 दिनों के लिए मुझे बिल्कुल होश नहीं था लेकिन डॉ. उदयवालिया ने मेरे परिवार से कहा कि मुझे लकवा मार सकता है, आंखों की रोशनी जा सकती है या कोमा (Coma) की नौबत आ सकती है. उन्हें नहीं पता था कि आगे क्या होने वाला है. मेरे भाई (ऋतिक) ने मंदिर में मेरे ठीक होने की प्रार्थना करते हुए रात बिताई थी."
सुनैना ने आगे बताया, "डॉक्टर ने कहा कि रिकवरी का पहला साइन यह होगा कि वह खाना मांगे. कुछ दिनों के बाद मैंने बिल्कुल यही किया. इस एक पल ने मेरे परिवार के लिए सबकुछ बदल दिया. ट्यूबरकुलोसिस मेनिनजाइटिस होने के बाद मैं 1 महीने के लिए अस्पताल में थी. इसके बाद मैं घर में 4 महीनों के लिए बंद थी ताकि मुझे रिलैप्स ना हो जाए. सुनैना ने बताया कि उनकी इम्यूनिटी क्रैश (Immunity Crash) होने के बाद उन्हें हैवी दवाइयों के सहारे रहना पड़ा था. इसकी वजह एक ही थी - क्रैश डाइटिंग.
सभी को दी सलाह
सुनैना वीडियो शेयर करके सभी को यह सलाह दी कि कभी भी अपनी सेहत से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए. शॉर्ट कट के बजाय पोषण को चुनना ज्यादा बेहतर है.
क्या होती है क्रैश डाइटिंग
- एकदम से वजन घटाने (Weight Loss) के लिए की जाती है क्रैश डाइटिंग
- डाइट में 800 से कम कैलोरी होती है
- वजन घटता है और शरीर में पानी की कमी और मसल लॉस होने लगता है
- मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है
- नॉर्मल खाना खाते ही वजन तेजी से बढ़ने लगता है
- शरीर में कमजोरी होने और चक्कर आने जैसे साइड इफेक्ट्स दिखते हैं
- बाल झड़ने की समस्या भी हो सकती है.
यह भी पढ़ें - हर समय थकान और कमजोरी महसूस होती है तो ये 5 टेस्ट करवा लीजिए तुरंत, फिजीशियन ने दी सलाह
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Hrithik Roshan Sister: एक्टर ऋतिक रोशन की बहन सुनैना रोशन (Sunaina Roshan) ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम हैंडल से वीडियो शेयर किया है और बताया है कि किस तरह उनकी एक गलती जानलेवा साबित होने वाली थी और किस तरह ऋतिक रोशन ने बहन के लिए रातभर मंदिर में प्रार्थना की थी. सुनैना ने बताया कि साल 2001 में उन्होंने क्रैश डाइट (Crash Diet) की ती. क्रैश डाइट के कारण तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ तो महीनों तक नहीं रुका. सुनैना ने वीडियो में बताया है कि किस तरह उनकी जान बच पाई थी.
यह भी पढे़ं – त्वचा पर दिखने वाले ये 2 निशान देते हैं डायबिटीज का संकेत, डॉक्टर ने कहा हाई इंसुलिन लेवल को पहचानें इस तरह
क्रैश डाइट से आई जान जाने की नौबत
सुनैना ने वीडियो में कहा, “साल 2001 में मुझे पैर पर चोट लगी थी और मैं बेडरिडन हो गई थी. मैंने फैसला लिया कि मैं क्रैश डाइट करुंगी ताकि मेरा वजन ना बढ़ जाए. इसीलिए मैं फल, जूस, पानी और बिस्किट ही लिया करती थी. मेरी इम्यूनिटी पूरी तरह क्रैश हो गई. मेरी एनर्जी बहुत कम रहने लगी और एक दिन मैंने कंट्रोल खो दिया. मुझे यह याद नहीं है लेकिन एक दिन में किचन में गई और गिलास उठाकर हर तरफ फेंकने लगी. मैं धूप नहीं सह पा रही थी इसलिए मेरा कमरा पूरी तरह से अंधकार में रहना चाहिए था. तब मेरे माता-पिता को एहसास हुआ कि कुछ बहुत ज्यादा गलत है. मुझे हॉस्पिटल लेकर जाया गया और अगले कुछ दिन मुझे पता ही नहीं चला मेरे साथ क्या हो रहा था.”
शरीर को बीमारियों ने जकड़ लिया
क्रैश डाइट ने सुनैना की जिंदगी बदल दी थी. सुनैना ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “2-3 दिनों के लिए मुझे बिल्कुल होश नहीं था लेकिन डॉ. उदयवालिया ने मेरे परिवार से कहा कि मुझे लकवा मार सकता है, आंखों की रोशनी जा सकती है या कोमा (Coma) की नौबत आ सकती है. उन्हें नहीं पता था कि आगे क्या होने वाला है. मेरे भाई (ऋतिक) ने मंदिर में मेरे ठीक होने की प्रार्थना करते हुए रात बिताई थी.”
सुनैना ने आगे बताया, “डॉक्टर ने कहा कि रिकवरी का पहला साइन यह होगा कि वह खाना मांगे. कुछ दिनों के बाद मैंने बिल्कुल यही किया. इस एक पल ने मेरे परिवार के लिए सबकुछ बदल दिया. ट्यूबरकुलोसिस मेनिनजाइटिस होने के बाद मैं 1 महीने के लिए अस्पताल में थी. इसके बाद मैं घर में 4 महीनों के लिए बंद थी ताकि मुझे रिलैप्स ना हो जाए. सुनैना ने बताया कि उनकी इम्यूनिटी क्रैश (Immunity Crash) होने के बाद उन्हें हैवी दवाइयों के सहारे रहना पड़ा था. इसकी वजह एक ही थी – क्रैश डाइटिंग.
सभी को दी सलाह
सुनैना वीडियो शेयर करके सभी को यह सलाह दी कि कभी भी अपनी सेहत से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए. शॉर्ट कट के बजाय पोषण को चुनना ज्यादा बेहतर है.
क्या होती है क्रैश डाइटिंग
- एकदम से वजन घटाने (Weight Loss) के लिए की जाती है क्रैश डाइटिंग
- डाइट में 800 से कम कैलोरी होती है
- वजन घटता है और शरीर में पानी की कमी और मसल लॉस होने लगता है
- मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है
- नॉर्मल खाना खाते ही वजन तेजी से बढ़ने लगता है
- शरीर में कमजोरी होने और चक्कर आने जैसे साइड इफेक्ट्स दिखते हैं
- बाल झड़ने की समस्या भी हो सकती है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.