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Chronic Fatigue Syndrome:हाल ही में बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया था। इसमें एक्ट्रेस फूट-फूट कर रोती हुईं नजर आ रही हैं। वीडियो के माध्यम से तनुश्री दत्ता ने अपनी एक बीमारी का खुलासा किया है, जिससे वह काफी समय से जूझ रहीं। उन्होंने बताया कि उन्हें क्रोनिक फटीक सिंड्रोम हो गया है। उन्होंने इसके पीछे की वजह 5 सालों की चिंता बताई है। तो आइए जानते कि क्रोनिक फटीक सिंड्रोम कैसे होता है, इसके साथ ही इससे बचाव कैसे किया जा सकता है?
ऐसा कई बार होता है कि हम अपनी दिनभर की थकान को नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ न कुछ सोचकर, लेकिन इसको अनदेखा कर देते हैं, जो कि बहुत बड़ी गलती होती है। अक्सर होने वाली थकान क्रोनिक फटीग सिंड्रोम में आती है, जो कि एक बीमारी के समान है। जो लोग 12–14 घंटे काम करते हैं, उनके जीवन में यह सिंड्रोम जरूर आता है। इसके साथ ही इस सिंड्रोम बहुत से नामों से जाना जाता है।

क्रोनिक फटीग सिंड्रोम को वैसे तो कई नामों से जाना जाता है। जिस व्यक्ति को लगातार थकान होती है, या याददाश्त कमजोर होती है, नींद सही नहीं आती है और हड्डियों में दर्द रहता है, या आधे घंटे की एक्सरसाइज करने के बाद अगर आपको 24 घंटे तक थकान महसूस होती है तो सतर्क हो जाइए। कहीं आपको क्रोनिक फटीग सिंड्रोम तो नहीं।
यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है, जो कम से कम 6 महीने तक बनी रहती है और आराम करने से भी ठीक नहीं होती। अगर यह थकान आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है तो यह इस बीमारी का हिस्सा हो सकती है। यह बीमारी सबसे ज्यादा महिलाओं में पाई जाती है।
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शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता ठीक से काम नहीं करती, जिससे थकान बनी रहती है।
लगातार तनाव, चिंता या डिप्रेशन भी इस समस्या को जन्म दे सकते हैं।
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शरीर के कुछ हार्मोन (जैसे थायरॉइड या एड्रिनल) का असंतुलन भी इसमें भूमिका निभाता है।
नींद की कमी, अनहेल्दी डाइट और व्यायाम की कमी शरीर को कमजोर बना सकती है।
7-8 घंटे की गहरी नींद लें। सोने और उठने का समय तय रखें और मोबाइल स्क्रीन से दूरी बनाए रखें।
हरी सब्जियां, फल, प्रोटीन और भरपूर पानी लें। जंक फूड और भूखे रहने से बचें।
योगा, वॉकिंग या स्ट्रेचिंग जैसे हल्के व्यायाम करें। इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
ध्यान (मेडिटेशन), प्राणायाम और समय-समय पर ब्रेक लें। जरूरत हो तो काउंसलिंग लें।
अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से सलाह लें। दवाइयां, थेरेपी या टेस्ट जरूरी हो सकते हैं।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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