पक्षियों की बीट से कौन सी बीमारी का खतरा रहता है. (Image: AI/Pexels)
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Bird and Bat Droppings Fungal Infection Risk: सड़क पर चलते दौरान अक्सर पक्षी हाथ, सिर या कपड़ों पर बीट यानी मल कर देती है, जो न सिर्फ मूड खराब करती है, बल्ति सेहत पर भी बुरा असर डाल सकती है. आपके लिए ये घटना आम हो सकती है, लेकिन मेडिकल साइंस की दुनिया में ये गंभीर बीमारी के तरफ धकेलने वाली घटना हो सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रिसर्च बताते हैं कि चमगादड़ और पक्षियों के मल में दूषित मिट्टी में पनपने वाले हिस्टोप्लाज्मा फंगस पाए जाते हैं, जो इंसानों की सेहत के लिए काफी खतरनाक होते हैं. आइए इस स्टोरी में समझते हैं, कितना खतरनाक है ये मामूली बीट?
आपको शायद जानकारी न हो, लेकिन पक्षियों की दिखने वाली ये मामूली बीट न सिर्फ आपके फेफड़ों को बल्कि गंभीर मामलों में दिमागी सेहत, आंखों, लिवर समेत शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकती है. जानकारी के अनुसार, कई स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स कहते हैं कि, इसके लक्षण कई बार टीबी या सामान्य फेफड़ों से जुड़े संक्रमण से मेल खाते हैं. इसलिए वक्त रहते सही जांच और दवाओं से ही इस स्थिति को ठीक किया जा सकता है.
कैसे मिलेगी बीट की बीमारी से राहत
समय पर एंटी-फंगल दवाएं शुरू होने पर अधिकांश मरीजों का सफल उपचार काफी हद तक संभव है. अगर कोई व्यक्ति स्वस्थ है, तो उसमें इस फंगल का संक्रमण हल्का रह सकता है, लेकिन अगर किसी का म्यून सिस्टम ही कमजोर हो, तो उन्हें फेफड़ों, दिमाग, आंखों, लिवर, अस्थि मज्जा, लिम्फ नोड्स (लसिका ग्रंथि) और एड्रेनल ग्लैंड तक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा लक्षणों की बात करें, तो हिस्टोप्लाज्मा कैप्सुलेटम से संक्रमित मरीजों में कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं, इसमें;
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दो हफ्तों या उससे ज्यादा समय तक खांसी बने रहना
बुखार या ठंड लगना 4 सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना
सीने में दर्द या जकड़न
बहुत थकान और कमजोरी
बिना कारण वजन कम होना
कैसे करें अपना बचाव?
जानकारी के अनुसार, यह फंगस उन स्थानों की मिट्टी में पनपता है, जहां लंबे समय तक पक्षियों या चमगादड़ का घर बना हो, यानी जहां उनका बहुत मल गिरा हुआ हो. इसमें पुराने घर, गोदाम, बालकनी, आदि शामिल है.
अगर आप भी कबूतरों को अपनी बालकनी में रहने देते हैं, तो उन्हें वहां से हटाना अच्छा उपाय हो सकता है.
इसके अलावा मास्क पहनकर रखें, जहां पक्षियां बहुत रहती है या मल गिरा हुआ हो.
सफाई के दौरान पानी से पहले गिला कर लें, ताकि मल वाली मिट्टी धूल बनकर न उड़े.
अगर ऐसे स्थानों में रहते दौरान आपको सांस लेने में दिक्कत, बिना मतलब की खांसी आदि परेशानियां महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से इसकी सलाह लें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.