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बच्चों से फोन की लत कैसे छुड़वाएं? पैरेंटिंग कोच ने बताया कैसे मिलेगा Mobile Addiction से छुटकारा

Bacchon se mobile kaise chhudayen: अगर आपका बच्चा भी हर समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता है और फोन हाथ में लेकर बैठा रहता है तो उसे मोबाइल की लत लग गई है. ऐसे में एक्सपर्ट से जानिए किस तरह बच्चे की फोन की लत छुड़वाई जा सकती है.

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Mobile Addiction In Children: मोबाइल फोन का इस्तेमाल आजकल लगभग हर व्यक्ति करता है. मोबाइल जिंदगी का वो हिस्सा बन चुका है जिसके बिना कोई भी काम करना मुश्किल लगने लगा है. वहीं, बच्चों की पढ़ाई हो या मनोरंजन, छोटी उम्र से ही बच्चों के हाथों में फोन थमा दिया जाता है और बच्चा फोन चलाना सीख जाए तो पैरेंट्स उसकी समझदारी पर बेहद खुश भी होते हैं. लेकिन, मुसीबत तब महसूस होती है जब बच्चे को फोन की लत (Phone Ki Lat) लग जाती है और वो बिना फोन के चंद मिनट भी खाली नहीं बैठ सकता है. ऐसे में बच्चे को अगर फोन की लत लग गई है और बिना फोन के ना वह खाता है और ना सोता है, तो यहां जानिए पैरेंटिंग कोच रेणु गिरधर पैरेंट्स को क्या सलाह दे रही हैं. पैरैंटिंग कोच ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट शेयर करके टिप्स दिए हैं.

कैसे छुड़ाएं बच्चे की फोन की लत

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पेरेंटिंग कोच ने बताया कि कुछ सिंपल रूल्स को फॉलो करके बच्चे की मोबाइल की लत छुड़ाई जा सकती है.

खाना खाते समय मोबाइल हटाएं – घर में यह रूल बनाना जरूरी है कि कोई भी खाना खाते समय मोबाइल नहीं देखेगा, ना ही टीवी चलाया जाएगा.

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स्क्रीन टाइम फिक्स करना – बच्चे के लिए स्क्रीन टाइम फिक्स करना बेहद जरूरी है. उसे कहिए कि वह मोबाइल का इस्तेमाल तो कर सकता है लेकिन उसे फोन दिनभर में बस 3 ही बार दिया जाएगा वो भी 10-10 मिनट के लिए .

आउटडोर एक्टिविटीज में करें एनरोल- बच्चों को आउटडोर एक्टिविटीज में एनरोल करवाइए जिससे बच्चा घर में मोबाइल में लगे रहने के बजाय बाहर खेलने-कूदने जाए.

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बच्चे को क्यों लग जाती है फोन की लत

  • बच्चों को घर में ही खेलने को कहा जाए और मनोरंजन के लिए फोन हाथ में थमा दिया जाए तो बच्चों को फोन की लत लग जाती है.
  • बच्चों से ज्यादा उनके माता-पिता को महसूस होता है कि किसी और का बच्चा अगर मोबाइल फोन को लेकर टेक सैवी हो गया है तो उनका बच्चा भी होना चाहिए.
  • कई बार बड़े बच्चों को पैरेंट्स किसी तरह की स्किल्स सिखाने के लिए फोन हाथ में देते हैं.
  • बड़े बच्चे सोशल मीडिया (Social Media) इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं और फोन के आदि हो जाते हैं.
  • बच्चे को किसी तरह की एडिक्टिव गेम (Addictive Game) या ऐप की आदत हो जाए तो बच्चे को मोबाइल फोन से दूर करना मुश्किल हो जाता है.

यह भी पढ़ें – क्या रील्स देखने पर ब्रेन डैमेज हो सकता है? यहां जानिए दिमाग पर क्या असर डालती हैं शॉर्ट वीडियोज

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First published on: Jan 06, 2026 11:55 AM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

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Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

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