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TVK’s Vijay Dhamu: चेन्नई के ऑटो ड्राइवर ने DMK और AIADMK के धुरंधरों को चटाई धूल, TVK को बनाया रॉयपुरम का हीरो

TVK's Vijay Dhamu: चेन्नई के रॉयपुरम में एक ऑटो ड्राइवर ने दिग्गज नेताओं को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया है। TVK उम्मीदवार विजय धामू की जीत वाकई में अकल्पनीय है। आइए जानते हैं, कौन हैं विजय धामू, जो अब आम आदमी की ताकत के प्रतीक बनकर उभरे हैं?

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Edited By : Shyamnandan Updated: May 4, 2026 23:49
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TVK’s Vijay Dhamu: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की सबसे बड़ी उलटफेर वाली कहानी चेन्नई के रॉयपुरम क्षेत्र से निकली है। एक मामूली ऑटो चालक, जिसके पास न तो राजनीतिक विरासत थी और न ही बड़ा खजाना, उसने सत्ता के दो दिग्गजों को पटखनी दे दी। पहली बार चुनाव लड़ रही अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके के के विजय धामू ने पांच बार के विधायक और डीएमके उम्मीदवार को धूल चटाकर यह सीट अपने नाम कर ली। यह जीत सिर्फ एक सीट का आंकड़ा नहीं, बल्कि आम आदमी की ताकत का प्रतीक बन गई।

रॉयपुरम में भूचाल

विजय धामू ने 55 हजार से अधिक वोट हासिल किए। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 14 हजार मतों के आरामदायक अंतर से हराया। यह नतीजा उत्तर चेन्नई के उस गढ़ के लिए बड़ा संकेत है जो दशकों से द्रविड़ पार्टियों का अभेद्य किला माना जाता था।

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जयकुमार को करारा झटका

अन्नाद्रमुक के दिग्गज नेता और पांच बार के विधायक डी. जयकुमार महज 18 हजार से कुछ अधिक वोटों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गए। 1991 से इस क्षेत्र पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। वहीं डीएमके के सुबैर खान, जो दिवंगत कद्दावर नेता रहमान खान के पुत्र हैं, दूसरे स्थान पर रहे लेकिन विजय की लहर के आगे टिक नहीं पाए।

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फैन क्लब से विधानसभा तक

धामू का असली परिचय एक ऑटो चालक का है। वह लंबे समय से विजय मक्कल इयक्कम यानी अभिनेता विजय के फैन क्लब नेटवर्क से जुड़े रहे। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था, ‘आप हमें नए चेहरे कह सकते हैं, लेकिन हम सालों से फैन क्लब के जरिए जमीन पर काम कर रहे हैं।’ यह संघर्ष ही उनकी असली पूंजी बना।

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एक तस्वीर ने बदला खेल

उम्मीदवार घोषित होने के दिन एक भावुक तस्वीर ने सबका ध्यान खींच लिया। रोते हुए विजय धामू जब टीवीके प्रमुख विजय थलपति से गले लगे, तो उन्होंने को झप्पी दई। यही वह क्षण था, जो पूरे चुनाव का परिभाषित प्रतीक बन गया। यह तस्वीर जमीनी उभार की गवाही दे रही थी।

मछुआरों की आवाज

रॉयपुरम एक तटीय क्षेत्र है। धामू ने अपना चुनावी एजेंडा मछुआरा समुदाय के इर्द-गिर्द बुना। उन्होंने आधुनिक बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा के वादे किए। यह मुद्दा तटीय मतदाताओं के दिल को छू गया।

चेन्नई की सुनामी

धामू की यह जीत अकेली नहीं थी। टीवीके ने चेन्नई की सभी 16 सीटों पर कब्जा जमाया और राज्य में 100 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया। विजय ने खुद को हर सीट का प्राथमिक चेहरा बनाकर स्थानीय उम्मीदवारों को दिग्गजों का शिकार करने वाला बना दिया। ऑटो स्टैंड से विधानसभा तक का यह सफर टीवीके के आम आदमी के नैरेटिव का सबसे मजबूत ऐलान है।

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First published on: May 04, 2026 11:44 PM

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