वरिष्ठ नेता लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने केरल विधानसभा चुनाव में पहली बार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है. कन्नूर जिले की कूत्तुपरम्बा सीट से आरजेडी उम्मीदवार पीके प्रवीण ने शानदार जीत हासिल की है. केरल में आरजेडी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) का हिस्सा बनकर चुनाव लड़ रही थी. राज्य की सभी 140 सीटों पर हो रही मतगणना के बीच इस जीत ने आरजेडी खेमे में उत्साह भर दिया है क्योंकि दक्षिण भारत के इस राज्य में पहली बार लालटेन जली है.
बेहद नजदीकी मुकाबले में मुस्लिम लीग को दी पटखनी
कूत्तुपरम्बा सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा जहाँ पीके प्रवीण ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की उम्मीदवार जयंती राजन को कड़े संघर्ष में हरा दिया. प्रवीण को कुल 70448 वोट मिले जबकि जयंती राजन 69162 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. जीत का अंतर महज 1286 मतों का रहा जो इस मुकाबले की गंभीरता को दर्शाता है. वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार शिजीलाल 22195 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे.
कौन हैं पीके प्रवीण?
चुनावी हलफनामे के अनुसार पीके प्रवीण एक सफल कारोबारी हैं और उन्होंने अन्नामलाई विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर और एम.फिल तक की पढ़ाई की है. वह करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं जिसमें 1.33 करोड़ की चल और 2.05 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल है. प्रवीण पर 15 लाख रुपये की देनदारी है लेकिन सबसे साफ सुथरी बात यह है कि उन पर अब तक कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है. उनकी उच्च शिक्षा और बेदाग छवि ने मतदाताओं के बीच सकारात्मक संदेश भेजने में मदद की है.
राज्य में अन्य दलों की स्थिति और चुनावी आंकड़े
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ जीत की ओर बढ़ रहा है जहाँ कांग्रेस 42 सीटें जीत चुकी है और 21 पर आगे है. सीपीआई (एम) ने 20 सीटों पर कब्जा जमाया है जबकि आईयूएमएल 9 सीटें जीत चुकी है और 13 पर बढ़त बनाए हुए है. इनके अलावा सीपीआई ने 5 और केरल कांग्रेस ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की है. भाजपा को अब तक एक सीट पर कामयाबी मिली है और वह 2 सीटों पर आगे चल रही है जबकि आरएसपी ने 3 सीटों पर जीत हासिल की है.










