एग्जिट पोल vs रिजल्ट: कहां सच हुई भविष्यवाणी, कहां-कहां उलटफेर? जानें 5 राज्यों का चुनावी गणित

Exit Poll vs Actual Results Analysis 2026: पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी 2026 के विधानसभा चुनावों के रुझान सामने आने के बाद अब सबसे बड़ी चर्चा एग्जिट पोल्स की साख को लेकर हो रही है. मतगणना के बाद जब रुझान आने शुरू हुए तो कई सर्वे एजेंसियों के दावे सही साबित हुए, तो कहीं ‘साइलेंट वोटर’ ने चुनाव पंडितों का गणित पूरी तरह बिगाड़ दिया. आइए जानते हैं किस राज्य में एग्जिट पोल कितने खरे उतरे.

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Exit Poll vs Actual Results Analysis 2026 : पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी के आज जब चुनावी नतीजे आने शुरू हुए तो टीवी स्क्रीन पर चल रहे एग्जिट पोल और हकीकत के बीच एक दिलचस्प जंग देखने को मिली. कहीं चुनावी पंडितों की भविष्यवाणी ‘सुपरहिट’ रही, तो कहीं मतदाताओं की चुप्पी ने बड़े-बड़े दावों की हवा निकाल दी. आइए जानते हैं कि किस राज्य में सर्वे एजेंसियां कितनी खरी उतरीं. हालांकि बंगाल में ममता बनर्जी ने रुझानों को संदेह की दृष्टि से देखते हुए ‘अंतिम नतीजों’ तक इंतजार करने को कहा है, लेकिन वर्तमान आंकड़े एग्जिट पोल की उस भविष्यवाणी की ओर इशारा कर रहे हैं जहां बंगाल में पहली बार ‘कमल’ खिलता दिख रहा है।

असम को लेकर सही हुए अनुमान

असम को लेकर लगभग सभी प्रमुख सर्वे एजेंसियों ने एनडीए की स्पष्ट जीत का अनुमान लगाया था. ‘एक्सिस माई इंडिया’ ने एनडीए को 88 से 100 सीटें मिलने की बात कही थी, जबकि ‘Matrize’ ने 85-95 सीटों का अनुमान लगाया था. विपक्ष के लिए ये आंकड़े चिंताजनक थे, क्योंकि कांग्रेस नीत गठबंधन को महज 24-36 सीटों के बीच सिमटता दिखाया गया था. रुझानों में बीजेपी का प्रदर्शन एग्जिट पोल के अनुमानों से भी बेहतर नजर आ रहा है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, एनडीए 98 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत के आंकड़े (64) से कहीं ज्यादा है. कांग्रेस के सीएम चेहरे गौरव गोगोई चुनाव हार चुके हैं.

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पुडुचेरी में एनडीए की वापसी के थे संकेत

पुडुचेरी के लिए आए अधिकांश एग्जिट पोल्स ने मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की पार्टी एआईएनआरसी (AINRC) और बीजेपी के गठबंधन की सत्ता में वापसी की भविष्यवाणी की थी. ‘एक्सिस माई इंडिया’ ने इस गठबंधन को 16-20 सीटें और ‘प्रजा पोल’ ने 19-25 सीटें मिलने का दावा किया था. वहीं कांग्रेस और डीएमके गठबंधन को दहाई का आंकड़ा छूने के लिए संघर्ष करते दिखाया गया था. सोमवार के रुझान एग्जिट पोल के आंकड़ों के बिल्कुल करीब हैं. मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने पारंपरिक सीट थत्तंचवड़ी से भारी मतों से बढ़त बना ली है. एनडीए गठबंधन वर्तमान में 12 से 15 सीटों पर आगे है, जिससे उनकी सत्ता में वापसी आसान दिख रही है.

तमिलनाडु में सबसे बड़ा उलटफेर

चुनाव से ठीक पहले ‘एक्सिस माई इंडिया’ जैसे प्रमुख सर्वे ने अभिनेता विजय की नई पार्टी ‘टीवीके’ (TVK) को लेकर जो भविष्यवाणी की थी, उसने सबको चौंका दिया था. सर्वे में टीवीके को 98 से 120 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था. रुझानों में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. विजय की पार्टी ने द्रविड़ राजनीति के गढ़ में सेंध लगाकर कई दिग्गजों की नींद उड़ा दी है. ताज़ा रुझानों के मुताबिक, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले डीएमके गठबंधन को कड़ी टक्कर मिल रही है. सत्ता विरोधी लहर और युवाओं के बीच विजय की लोकप्रियता ने इस बार तमिलनाडु के चुनावी नतीजों को काफी दिलचस्प बना दिया है. हालांकि, पूर्ण बहुमत का आंकड़ा अभी भी किसी एक दल के लिए स्पष्ट नजर नहीं आ रहा है, जिससे राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की संभावनाएं भी बन रही हैं.

केरल में फेल हुआ पिनाराई विजयन का दांव?

केरल की जनता ने एक बार फिर अपनी पुरानी परंपरा को दोहराने के संकेत दे दिए हैं. ‘हर पांच साल में सरकार बदलने’ के जिस रिवाज को 2021 में पिनाराई विजयन ने तोड़ा था, 2026 में वह रिवाज फिर से लौटता दिख रहा है. केरल को लेकर अधिकांश एग्जिट पोल्स (जैसे P-MARQ और Matrize) ने पहले ही संकेत दे दिया था कि इस बार कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) सत्ता में वापसी कर सकता है. सर्वे में यूडीएफ को 85 से 95 सीटें मिलने की बात कही गई थी, जबकि सत्ताधारी एलडीएफ (LDF) को भारी नुकसान का अनुमान लगाया गया था. सोमवार को आए रुझानों ने एग्जिट पोल के आंकड़ों पर लगभग मुहर लगा दी है. यूडीएफ ने शुरुआती दौर में ही 100 का आंकड़ा पार कर लिया है, जो पिनाराई विजयन की सरकार के लिए एक बड़ा झटका है.

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पश्चिम बंगाल: कांटे की टक्कर या सत्ता परिवर्तन?

बंगाल चुनाव के बाद आए ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने राज्य में कड़े मुकाबले की ओर इशारा किया था. ‘P-MARQ’ और ‘Matrize’ जैसे सर्वे ने बीजेपी को 150 से 175 सीटों के बीच रखते हुए बहुमत के करीब दिखाया था, जबकि कुछ सर्वे टीएमसी को बढ़त दे रहे थे. हालांकि, ‘चाणक्य स्ट्रैटीजी’ ने पहले ही संकेत दे दिया था कि इस बार बीजेपी 150-160 सीटों के साथ ऐतिहासिक प्रदर्शन कर सकती है. ताजा चुनावी रुझानों ने बंगाल में ‘दीदी’ के 15 साल के शासन पर संकट के बादल खड़े कर दिए हैं. शुरुआती आंकड़ों में बीजेपी ने बहुमत का जादुई आंकड़ा (148) पार करते हुए 190 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बना ली है. वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) 100 सीटों के नीचे सिमटती नजर आ रही है. कोलकाता और हावड़ा जैसे टीएमसी के मजबूत गढ़ों में भी सेंध लगती दिख रही है, जो एग्जिट पोल के उन अनुमानों को सही साबित कर रहा है जिनमें ‘एंटी-इंकंबेंसी’ और बड़े बदलाव की बात कही गई थी.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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