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सरकारी दफ्तरों में अब मिलेगी ‘आत्मनिर्भर चाय’, मंत्रालयों को जारी हुआ निर्देश; जानिए क्या है ‘युले टी’ प्लान?

क्या अब सरकारी दफ्तरों में मिलने वाली चाय पूरी तरह स्वदेशी होगी? आखिर मंत्रालयों को 'युले टी' अपनाने का निर्देश क्यों दिया गया और इससे क्या बदलने वाला है? आइये इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

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केंद्र सरकार ने देश के सभी मंत्रालयों और विभागों के लिए एक नया निर्देश जारी किया है. अब सभी सरकारी दफ्तरों, बैठकों, सम्मेलनों और कैंटीन में केवल सरकारी कंपनी की ‘युले टी’ (Yule Tea) ही परोसी जाएगी. भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी इस पत्र को ‘आत्मनिर्भर चाय’ पहल के रूप में देखा जा रहा है. यह चाय बनाने वाली कंपनी एंड्र्यू युले एंड कंपनी लिमिटेड एक सरकारी उपक्रम है, जिसका मुख्यालय कोलकाता में स्थित है. सरकार का मुख्य उद्देश्य अपनी ही इस चाय कंपनी की लोकप्रियता को बढ़ाना है. इस फैसले के लागू होने से सरकारी बैठकों में अब स्वदेशी चाय की चुस्की देखने को मिलेगी.

वित्तीय संकट में फंसी कंपनी को मिलेगा सहारा

यह फैसला केवल चाय के प्रचार के लिए नहीं, बल्कि एक आर्थिक रूप से संघर्ष कर रही कंपनी को उबारने के लिए भी लिया गया है. एंड्र्यू युले कंपनी दार्जीलिंग, असम और द्वार की बेहतरीन क्वालिटी की ऑर्थोडॉक्स, सीटीसी और ग्रीन टी बनाती है. बेहतरीन चाय बनाने के बावजूद यह सरकारी कंपनी काफी समय से वित्तीय संकट से जूझ रही है. संसदीय समिति ने भी सिफारिश की थी कि सरकार अपने मंत्रालयों के जरिए इस चाय का प्रमोशन करे. जब सभी मंत्रालय और उनके विभाग इस चाय को खरीदेंगे, तो कंपनी को बहुत बड़ा आर्थिक फायदा होगा और उसकी वित्तीय स्थिति सुधरेगी.

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स्थानीय श्रमिकों और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर

असम और पश्चिम बंगाल में फैले 15 चाय बागानों के जरिए यह कंपनी हजारों लोगों को रोजगार देती है. इस पहल से चाय बागानों में काम करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों और दूर-दराज के इलाकों की महिलाओं को सीधा फायदा पहुंचेगा. केंद्र सरकार का मानना है कि चाय का उत्पादन और बिक्री बढ़ने से इन गरीब श्रमिकों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आएगा. चाय भारत में केवल पीने की चीज नहीं, बल्कि लोगों को आपस में जोड़ने का माध्यम है. सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के साथ-साथ जरूरतमंद श्रमिकों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाएगा.

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First published on: Jul 27, 2026 12:53 PM

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Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

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Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

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