Meta पर NCPCR का शिकंजा, CSEAM विज्ञापनों के आरोपों की होगी जांच; मेटा इंडिया के अधिकारियों को किया तलब

आयोग ने उपलब्ध जानकारी और मेटा के जवाब पर विचार करने के बाद अब पूरे मामले की फैक्चुअल जांच कराने का फैसला किया है. NCPCR की कार्रवाई अब अगले चरण में पहुंच गई है. आयोग ने मेटा के अधिकारियों को तलब किया है.

NCPCR

आयोग ने मेटा के अधिकारियों को तलब किया है. (Photo: AI)

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा (Meta) से जुड़े कथित चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSEAM) के ऐड मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने जांच का फैसला किया है. आयोग ने इस मामले में मेटा से जवाब मांगे जाने के बाद अब तथ्यों की पड़ताल के लिए औपचारिक जांच शुरू करने का निर्णय लिया है. इसी सिलसिले में मेटा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और अधिकारी को 9 सितंबर को आयोग के सामने पेश होने के लिए समन जारी किया गया है.

NCPCR ने मामले पर लिया स्वत: संज्ञान

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक मामला BBC Eye की एक मीडिया रिपोर्ट से सामने आया था. रिपोर्ट में मेटा के प्लेटफॉर्म पर कथित तौर पर बाल यौन शोषण और दुरुपयोग से जुड़े कंटेंट के ऐड्स का आरोप लगाया गया था. रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए NCPCR ने 3 जुलाई 2026 को स्वत: संज्ञान लिया था. इसके बाद आयोग ने मेटा को नोटिस जारी कर मामले में स्पष्टीकरण मांगा. मेटा ने आयोग के नोटिस का जवाब करीब एक सप्ताह बाद दाखिल किया. हालांकि, कंपनी की ओर से दिए गए जवाब के बाद NCPCR ने मामले को यहीं खत्म नहीं किया.

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9 सितंबर को होगी अहम सुनवाई

आयोग ने उपलब्ध जानकारी और मेटा के जवाब पर विचार करने के बाद अब पूरे मामले की फैक्चुअल जांच कराने का फैसला किया है. NCPCR की कार्रवाई अब अगले चरण में पहुंच गई है. आयोग ने मेटा के अधिकारियों को तलब किया है. माना जा रहा है कि उनसे प्लेटफॉर्म पर कथित CSEAM से संबंधित विज्ञापनों की मौजूदगी, उनकी पहचान और निगरानी की प्रक्रिया और ऐसी कंटेंट को रोकने के लिए कंपनी की ओर से अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल किए जा सकते हैं.

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बच्चों के लिए सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण

गौरतलब है कि बच्चों से संबंधित यौन शोषण सामग्री को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी लंबे समय से वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय रही है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसे कंटेंट का प्रमोशन बच्चों की सुरक्षा और ऑनलाइन वातावरण को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है. भारत में NCPCR बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी करता है और ऐसे मामलों में संबंधित संस्थाओं से जवाब मांग सकता है. 9 सितंबर को होने वाली कार्यवाही में कंपनी की ओर से दिए गए जवाब और आयोग के सवाल इस मामले की आगे की दिशा तय कर सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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