UN के नए मैप को लेकर विवाद, अरुणाचल प्रदेश, LAC और LoC को भारत से दिखाया अलग
New United Nations Map: हाल ही में यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में 'करेक्ट द मैप' रिजॉल्यूशन पास हुआ है, जिस में वर्ल्ड मैप को उसके एक्चुअल साइज से रिप्लेस कर दिया गया है, हालांकि भारत के जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को विवादित तरीके से दिखाया गया है.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Sep 8, 2026 18:51
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Sep 8, 2026 18:51
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यूएन ने नए मैप पर विवाद (AI Image)
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Arunachal Pradesh And Aksai Chin In New UN Map: यूनाइटेड नेशंस के हाल ही में जारी वर्ल्ड मैप ने भारत में नई बहस छेड़ दी है. इस नक्शे में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को अलग-अलग इलाकों के तौर पर दिखाया गया है, जबकि इन एरियाज पर इंडिया और चाइना दोनों अपना दावा करते हैं.
मैप में भारतीय इलाकों को कैसे दिखाया गया है?
ये मैप 1 जुलाई को जारी किया गया था. ये नक्शा अफ्रीकन यूनियन के सपोर्ट वाले यूएन जनरल असेंबली (UNGA) के ‘करेक्ट द मैप’ प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जारी किया गया. इस पहल का मकसद भौगोलिक इलाकों को ज्यादा सही और निष्पक्ष तरीके से दिखाना है, जिसमें अफ्रीका से जुड़ी गलतियों को सुधारने पर खास ध्यान दिया गया है.
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मैप में अरुणाचल प्रदेश को नागालैंड से जोड़ने वाली कोई सीमा रेखा नहीं दिखाई गई है. इसके बजाय, इसे एक अलग इलाके के तौर पर दिखाया गया है जिसका बॉर्डर असम और चीन से लगे हुए हैं. अक्साई चीन को भी अलग से दिखाया गया है; इसका पश्चिमी हिस्सा भारत से सटा हुआ है और पूर्वी हिस्सा चीन की सीमा से मिलता है. यूएन ने इन खास इलाकों को इस तरह दिखाने के बारे में कोई पब्लिक एक्सप्लानेशन नहीं दिया है.
(Photo-UN Website)
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मैप में जम्मू-कश्मीर में ‘लाइन ऑफ़ कंट्रोल’ (LoC) को डॉटेड लाइन से दिखाया गया है. मैप के साथ दिए गए नोट में कहा गया है कि ये लाइन तकरीबन उस LoC को दिखाती है जिस पर भारत और पाकिस्तान सहमत हुए थे. इसमें ये भी कहा गया है कि दोनों देशों के बीच जम्मू-कश्मीर का फाइनल स्टेटस अभी तय नहीं हुआ है.
UN प्रस्ताव पर भारत का रुख
UNGA ने ‘करेक्ट द मैप’ प्रस्ताव को अपनाया, जिसे अफ्रीकन ग्रुप की ओर से टोगो ने पेश किया था. हालांकि ये रिजॉल्यूशन बाइंडिंग नहीं है, लेकिन इसका तरीका अंतरराष्ट्रीय संगठनों की तरफ से मैप बनाने के तरीकों पर असर डाल सकता है. भारत ने प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन ये भी साफ किया कि उसका वोट ‘इक्वल एरिया वाले मैप रिप्रेजेंटेशन’ के सिद्धांत के समर्थन में था, न कि किसी खास मैप या सीमाओं को दिखाने के तरीके के समर्थन में.
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इंडिया ने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत के आधिकारिक मैप के मुताबिक ही दिखाया जाना चाहिए. भारत का हमेशा से ये कहना रहा है कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न अंग है. वो अक्साई चीन को भी लद्दाख का हिस्सा मानता है और उसका कहना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र-शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं.