National Sports Policy 2025: भारत में खेल और खिलाड़ियों के लिए नए दौर की शुरुआत होने वाली है। मंगलवार को केंद्र सरकार ने नई खेल नीति को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस दौरान मंत्रिमंडल ने नई खेल नीति 2025 को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी ने बताया कि नई नीति मौजूदा राष्ट्रीय खेल नीति, 2001 का स्थान लेगी। यह देश को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगी। साल 2036 ओलंपिक खेलों सहित अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रोडमैप तैयार करेगी। नई खेल नीति खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के विकास में सहायता करेगी।
इन 5 स्तंभ पर आधारित है नई नीति
1. वैश्विक मंच पर उत्कृष्टता
2. आर्थिक विकास के लिए खेल
3. सामाजिक विकास के लिए खेल
4. जन आंदोलन के रूप में खेल
5. शिक्षा के साथ एकीकरण (एनईपी 2020)
वैश्विक मंच पर उत्कृष्टता
– खेल प्रतिभा को पहचानकर और उसे तैयार करने के जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक खेल कार्यक्रमों को बनाना।
– लीग और प्रतियोगिताओं की स्थापना को बढ़ावा देना, ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में खेल बुनियादी ढांचे का विकास करना।
– कोचिंग और खिलाड़ियों को सहयोग के लिए विश्व स्तरीय प्रणाली बनाना।
– राष्ट्रीय खेल महासंघों की क्षमता और प्रबंधन को बढ़ाना।
– खेल प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए खेल विज्ञान, चिकित्सा और प्रौद्योगिकी को अपनाने को प्रोत्साहित करना।
– कोच, तकनीकी अधिकारियों और सहायक कर्मचारियों सहित खेलकर्मियों को प्रशिक्षित और विकसित करना।
आर्थिक विकास के लिए खेल
– खेल पर्यटन को बढ़ावा देना और भारत में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन कराने का प्रयास करना।
– खेल मैन्युफैक्चिंग को मजबूत करना और इस क्षेत्र में स्टार्टअप तथा उद्यमिता को बढ़ावा देना।
– सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना।
सामाजिक विकास के लिए खेल
– केंद्रित कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, आदिवासी समुदायों और दिव्यांगजनों के बीच भागीदारी को बढ़ावा देना।
– स्वदेशी और पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करना और बढ़ावा देना।
– शिक्षा से खेलों को जोड़कर, स्वयं सेवा को प्रोत्साहित करके और दोहरे करियर के रास्ते को सुविधाजनक बनाकर खेलों को एक व्यवहार्य करियर विकल्प के रूप में स्थापित करना।
– खेलों के माध्यम से भारतीय प्रवासियों को शामिल करना।
जन आंदोलन के रूप में खेल
– राष्ट्रव्यापी अभियानों और समुदाय-आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से खेल में जन भागीदारी और फिटनेस की संस्कृति को बढ़ावा देना।
– स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों आदि के लिए फिटनेस सूचकांक शुरू करना।
– खेल सुविधाओं तक सबकी पहुंच बढ़ाना।
शिक्षा के साथ एकीकरण (एनईपी 2020)
– स्कूली पाठ्यक्रम में खेलों को शामिल करना।
– खेल शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण से तैयार करना।
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