उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए जारी आंदोलन दिल्ली तक पहुंच गया है. जी हां, बीती रात अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली में इंडिया गेट पर धरना प्रदर्शन किया. धरना प्रदर्शन समाज सेविका योगिता भयाना ने आयोजित किया था. वहीं धरने के बारे में पता चलते ही विपक्षी दलों के नेता भी उनका साथ देने इंडिया गेट पहुंचे. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिलने पहुंचे. रातभर चले विरोध प्रदर्शन के बाद सुबह 4 बजे दिल्ली पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया और 2 घंटे बाद रिहा भी कर दिया. वहीं कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस पर हत्याकांड पीड़िता को न्याय की मांग के लिए जुटे प्रदर्शनकारियों से दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है.
कांग्रेसी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया
मिली जानकारी के अनुसार, इंडिया गेट पर करीब 10 घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के बाद अंकिता भंडारी के माता-पिता के साथ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, सुप्रिया श्रीनेत, रागिनी नायक, आर सुधा, ज्योतिमणि और यूथ कांग्रेस नेता उदय भानु चिब को भी हिरासत में लिया गया. अंकिता भंडारी के माता-पिता बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए जंग लड़ रहे प्रदर्शनकारियों के साथ धरने पर इसलिए बैठे थे, क्योंकि सरकार ने हत्याकांड के आरोपी दुष्यंत गौतम को सिक्किम गवर्नर नियुक्त किया है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति को तब तक रोक दिया जाए, जब तक कि CBI अंकिता भंडारी हत्याकांड की चल रही जांच पूरी नहीं कर लेती.
कांग्रेस ने क्यों लगाया दुर्व्यवहार का आरोप?
कांग्रेस का आरोप है कि CRPF कर्मियों ने अंधेरे में प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया. जवान अंधेरे का फायदा उठाते हुए अंकिता भंडारी के माता-पिता तक पहुंचे और उन्हें उठाकर साथ ले गई. यह क्रूरता है और इंडिया गेट पर लोकतंत्र का अंत होते देखा जा सकता है. पवन खेड़ा ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि हत्याकांड के आरोपी को संवैधानिक पद पर नियुक्त किया जा रहा है और पीड़िता के माता-पिता को पुलिस के द्वारा हिरासत में लिया जा रहा है. आरोपी राज्यपाल बनेगा और पीड़िता के माता-पिता जेल जाएंगे? बलात्कारियों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं, इसलिए हम जेल जाएंगे और बलात्कार के आरोपी राज्यपाल बनेंगे, यही तो असली लोकतंत्र है.
कांग्रेस नेताओं ने व्यक्त की तीखी प्रतिक्रियाएं
सुप्रिया श्रीनेत ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को उन माता-पिता के साथ कठोर व्यवहार बताया, जो 4 साल से न्याय की मांग कर रहे हैं. दिल्ली कांग्रेस प्रभारी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की बजाय गौतम के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी. पीड़ित परिवार शांतिपूर्ण धरना दे रहा था, अचानक पुलिस आई और महिला नेताओं समेत प्रदर्शनकारियों को अपने साथ ले गई. कांग्रेस अब तब तक अभियान जारी रखेगी, जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता. दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त करने की बजाय गिरफ्तार किया जाना चाहिए, उसे जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और CBI जांच पूरी होने से पहले उसकी नियुक्ति पर रोक लगानी चाहिए, नहीं तो गलत उदाहरण होगा.