दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस ने अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है. अब तक कॉकरोच जनता पार्टी से दूरी बनाए रखने वाली कांग्रेस ने आगे बढ़कर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके राहुल गांधी की ‘हाई टी’ का न्योता भेजा था.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा है कि कांग्रेस ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण से मध्यस्थ की भूमिका निभाने और दिपके से संपर्क करने का आग्रह किया. प्रशांत भूषण के करीबी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस की ओर से संपर्क करने का अनुरोध आया तो था लेकिन दीपके महाराष्ट्र में थे. वहीं, जंतर-मंतर पर अचानक विरोध प्रदर्शन करने के चलते CJP के वरिष्ठ नेता आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे पुलिस हिरासत में थे. हालांकि, कांग्रेस के सूत्रों का दावा है कि संपर्क किया गया था लेकिन दिपके ने इसमें कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई.
क्यों बदला कांग्रेस का रुख?
CJP को कांग्रेस नेतृत्व का एक बड़ा धड़ा अब तक आम आदमी पार्टी की ‘बी-टीम’ की नजर से देखता था. कॉकरोच जनता पार्टी सोशल मीडिया से उभरी थी. इसके ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद जुलाई में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था.
इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 10 अक्टूबर को CJP ने दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया था. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की मंजूरी नहीं दी थी. इसके बाद भी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचे थे. दीपके और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया गया था. वहीं, जंतर-मंतर पहुंचे करीब 7000 लोगों को हिरासत में ले लिया गया था. दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए थे और कई ट्रेनों को रद्द कर दिया था.
10 अक्टूबर के बाद सोमवार को कांग्रेस के सुप्रीम कोर्ट मार्च से कॉकरोच जनता पार्टी नदारद रही थी. हालांकि, राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया था.
कांग्रेस के रुख में बदलाव का पहला संकेत उस दिन मिला. जब राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे सभी विरोध-प्रदर्शन असल में एक ही विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा था, ‘कोई अलग-अलग विरोध-प्रदर्शन नहीं चल रहे हैं, बल्कि यह एक ही विरोध-प्रदर्शन है. हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन हैं या किस संगठन से जुड़े हैं. अगर आप संविधान की रक्षा कर रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे हम कर रहे हैं तो हम आपके साथ हैं. हम आपका समर्थन करेंगे. आपकी मदद करेंगे और आपकी रक्षा करेंगे.’
बुधवार को जब जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के आरोप में CJP के आशुतोष रांका और सौरव दास को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, तब भी राहुल गांधी उनके समर्थन में खुलकर उतरे. राहुल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, ‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है. इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता का प्रमाण है.’
राहुल गांधी के रुख का स्वागत करते हुए अभिजीत दीपके ने अपने नेताओं की अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उनका धन्यवाद किया. साथ ही सीजेपी ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक और विशाल प्रदर्शन का ऐलान किया.